मन की बात के 89वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित किया…

स्टार्टअप की दुनिया न्यू इंडिया की स्प्रिट को बढ़ा रही है : PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात के 89वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित किया। जिसमें उन्होंने कहा कि, हाल ही में देश ने एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है जो हम सभी को प्रेरित करती है। आप लोग क्रिकेट के मैदान पर किसी बैट्समैन की सेंचुरी सुनकर खुश होते होंगे, लेकिन भारत ने एक और मैदान में सेंचुरी लगाई है। इस महीने 5 तारीख को देश में यूनिकॉर्न की संख्या 100 के आंकड़े तक पहुंच चुकी है। एक यूनिकॉर्न यानी कम से कम साढ़े 7 हजार करोड़ का स्टार्टअप होता है। इन यूनिकॉर्न्स का कुल वैल्युएशन 25 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा है। ये बात हर भारतीय के लिए गर्व करने की बात है। 

पीएम मोदी ने कहा कि, इंडियन यूनिकॉर्न्स का एनुअल ग्रोथ रेट यूएसए, यूके और अन्य कई देशों से भी ज्यादा है। जानकारों का ये भी कहना है कि आने वाले समय में इसमें तेज उछाल देखने को मिलेगी। हमारे यूनिकॉर्न्स अलग-अलग क्षेत्रों के हैं। स्टार्टअप की दुनिया न्यू इंडिया की स्प्रिट को बढ़ा रही है। देश में लगातार स्टार्टअप्स की संख्या बढ़ रही है। इस दौरान पीएम मोदी ने कई ऐसे लोगों का जिक्र किया, जिन्होंने खुद अपना स्टार्टअप शुरू किया और रोजगार पैदा करने का काम किया। इसके अलावा उन्होंने कहा कि, हमारे लिए ये बहुत खुशी की बात है कि स्टार्टअप्स के लिए भारत में आज पूरा सपोर्ट सिस्टम तैयार हो रहा है। 

आने वाले समय में हमें भारत के स्टार्टअप वर्ल्ड की नई उड़ान देखने को मिलेगी। पीएम मोदी ने कहा कि, हमारी पहचान अलग-अलग भाषा और खानपान है। हमें ये विविधता राष्ट्र के रूप में एकजुट रखती है। इस दौरान उन्होंने मूल रूप से उत्तराखंड के जोशीमठ की कल्पना का जिक्र किया। पीएम ने कहा कि, कल्पना आज अपनी मेहनत से हम सबके लिए एक उदाहरण बन गई है। वो पहले टीवी से पीड़ित रही और तीसरी कक्षा में उसकी आंखों की रोशनी भी चली गई। कल्पना ने हाल ही में कर्नाटक में अपनी 10वीं की परीक्षा पास की है। हैरानी इस बात की है कि उन्होंने 3 महीने में कन्नड़ भाषा सीखी और 92 अंक प्राप्त किए। 

मन की बात में पीएम मोदी ने उत्तराखंड की चारधाम यात्रा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि, केदारनाथ में हर दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रह हैं। लोग इस यात्रा के सुखद अनुभव शेयर कर रहे हैं। लेकिन मैंने ये भी देखा कि श्रद्धालु केदारनाथ में कुछ यात्रियों की फैलाई गई गंदगी से काफी दुखी भी हैं। सोशल मीडिया पर भी कई लोगों ने अपनी बात रखी है। हम पवित्र यात्रा में जाएं और गंदगी का ढेर हो, ये अच्छी बात नहीं है। लेकिन इस बीच कई लोग ऐसे हैं जो दर्शन के साथ-साथ सफाई अभियान में भी जुटे हैं। कई संस्थाएं भी वहां काम कर रही हैं। हमारे यहां जैसे तीर्थ यात्रा का महत्व है, वैसे ही तीर्थ सेवा का भी महत्व बताया गया है।