25 जून को होगा पहले चरण का मतदान…

बड़े दिनों के इंतज़ार के बाद आई चुनावों की बेला

मध्यप्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायतों के चुनाव की घोषणा कर दी गई है। राज्य निर्वाचन आयुक्त बसंत प्रताप सिंह ने प्रेस कांफ्रेस कर इसकी घोषणा की है। तीन चरणों में चुनाव होंगे। 30 मई को कलेक्टर्स इसकी अधिसूचना जारी करेंगे। 1 जून से पहले निकाय चुनाव की भी घोषणा होगी। बारिश के कारण पहले पंचायत चुनाव की घोषणा की गई है। 

  • पहले चरण का मतदान 25 जून को होगा। 
  • दूसरा चरण का मतदान 1 जुलाई को होगा। 
  • तीसरे चरण का चुनाव 8 जुलाई को होगा। 
  • एमपी में पंच, सरपंच और जनपद पंचायत सदस्य का रिजल्ट 14 जुलाई को आएगा। 
  • जिला पंचायत का रिजल्ट 15 जुलाई आएगा। 

तीन चरणों में होंगे चुनाव -

  • 30 मई को निर्वाचन सूचना का प्रकाशन होगा। तीन चरणों के निर्वाचन की सूचना का प्रकाशन कलेक्टर्स करेंगे। तीनों चरणों का नामांकन एक साथ शुरू होगा। 6 जून तक नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख है। नाम वापस लेने की आखिरी तारीख 10 जून है। 
  • पहले चरण में 115 जनपद पंचायतों में चुनाव होंगे। 8702 ग्राम पंचायत है। जिसके लिए 27049 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। 
  • दूसरे चरण में 106 जनपद पंचायत के पद पर चुनाव होंगे। ग्राम पंचायतों की संख्या 7661 है। जिसके लिए मतदान केंद्र 23988 बनाए गए हैं। 
  • तीसरा चरण में 92 जनपद पंचायत के पद चुनाव होंगे। इसके लिए ग्राम पंचायत की संख्या 6649 है। 20606 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। 
  • प्रदेश में आचार संहिता लागू कर दी गई है। सभी राजनीतिक दलों पर भी आचरण संहिता लागू रहेगी। चुनाव निर्दलीय होने के बाद भी आचार संहिता के दायरे में राजनीतिक दल रहेंगे। 
  • मप्र में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए मतपत्रों के रंग तय हैं। पंच पद के लिए सफेद, सरपंच के लिए नीला, जनपद पंचायत सदस्य के लिए पीला और जिला पंचायत सदस्य के लिए गुलाबी रंग का मतपत्र होगा। 

प्रदेश में जिला पंचायत सदस्य 875, 313 जनपद पंचायतों के 6771 सदस्य औऱ सरपंच 22921 है। कुल 3 लाख 63 हजार 726 पदों पर चुनाव होगा। सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक मतदान होगा। मतदान के तुरन्त बाद मतगणना होगी। मध्य प्रदेश में कुल 3 करोड़ 93 लाख 78 हजार 502 मतदाता हैं। इनमें पुरुष मतदाता 2 करोड़ 02 लाख 30 हजार 95 है। वहीं महिला मतदाता 1 करोड़ 90 लाख 20 हजार 672 हैं। अन्य मतदाता 1044 हैं। प्रदेश में 71 हजार 645 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। चुनाव के लिए 4.25 लाख कर्मचारी तैनात किए जाएंगे