स्टार्टअप कार्यक्रम के संबंध में विश्वविद्यालयों एवं कॉलेजों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद…

ग्वालियर की सभी शिक्षण संस्थाएँ स्टार्टअप के लिए मिलकर कार्य करें : ऊर्जा मंत्री


ग्वालियर। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा है कि ग्वालियर के संभागीय कमिश्नर आशीष सक्सेना, जिला कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह एवं नगर निगम आयुक्त किशोर कान्याल बेल्जियम देश के ल्यूबिन शहर से स्टार्टअप के संबंध में जो अनुभव लेकर आए हैं उन अनुभवों का ग्वालियर के विकास में उपयोग करेंगे। यदि सभी लोग मिलकर इस दिशा में कार्य करेंगे तो निश्चित रूप से सफलता मिलेगी। प्रद्युम्न सिंह तोमर आज यहाँ कमिश्नर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। ग्वालियर में स्टार्टअप ईको सिस्टम को बढ़ाने के लिये सभी विश्वविद्यालय, कॉलेज एवं इन्क्यूवेटरों के कुलपतियों, मेंटर तथा सलाहकारों से गुरूवार को एक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संभागीय कमिश्नर आशीष सक्सेना, कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, नगर निगम आयुक्त किशोर कान्याल, स्मार्ट सिटी सीईओ नीतू माथुर, कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस के राव, जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अविनाश तिवारी, भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान के प्राचार्य प्रो. आलोक शर्मा तथा विश्वविद्यालय एवं कॉलेजों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। संभागआयुक्त आशीष सक्सेना ने कहा कि ग्वालियर अब बदल गया है। इसे और अधिक आगे ले जाना है। 

इसके लिये स्मार्ट सिटी की सीईओ नीतू माथुर को निर्देश दिए कि वे सभी विश्वविद्यालय एवं कॉलेजों की एक डायरेक्टरी बनाएं, जिसमें सभी का बेसिक डाटा रहे। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप योजना के संबंध में चर्चा करने के लिये पहले प्रति सप्ताह एक कार्यशाला का आयोजन किया जाए। बाद में यह कार्यशला माह में एक बार की जा सकती है। कार्यशाला के लिये एक समिति का गठन भी किया जा सकता है, जो चर्चा करके कार्यशाला का विषय तय करेंगे। उन्होंने कहा कि एक कार्यशाला में एक विषय लें। कार्यशाला का 6 माह का समय निर्धारित किया जाए। ताकि ग्वालियर निरंतर आगे बढ़ता रहे। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने कहा कि ग्वालियर को स्टार्टअप का हब बनाना है। ग्वालियर के एक्सपर्ट बच्चे सफल उद्यमी बनें। इसके लिये उन्हें सभी मिलकर प्रमोट करें। उन्होंने कहा कि एक – दूसरे से समन्वय बनाकर कार्य किया जाए। साथ ही ईको सिस्टम विकसित किया जाए। इसमें किसी योजना की तरह लक्ष्य निर्धारित नहीं है। सभी स्टार्टअप सफल हों, ऐसे प्रयास किए जाएं। इसके लिये सभी को एक मंच पर आना होगा। उन्होंने कहा कि कार्यशाला में मार्केट स्टडी तथा फंडिंग के ऊपर व्याख्यान होना चाहिए। इसी प्रकार शासन की ओर से किस-किस योजना के तहत सहायता दी जा सकती है, उसके ऊपर भी व्याख्यान कराया जाए। कलेक्टर ने कहा कि इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिये समय-समय पर बैठक कर सभी के सुझाव लिए जायेंगे। नगर निगम कमिश्नर किशोर कान्याल ने बेल्जियम के ल्यूबिन शहर के दौरे के अनुभव बताए। उन्होंने बताया कि बेल्जियम के स्टार्टअप सुनकर लगा कि ग्वालियर इस क्षेत्र में अच्छी स्थिति में है। लेकिन वहाँ पर लोग उत्पादन का पेटेंट अधिक कराते हैं। 

इसी प्रकार का पेटेंट ग्वालियर में भी कराने की जरूरत है। ताकि बच्चों को आगे कार्य करने में कठिनाई नही हो। उन्होंने कहा कि ग्वालियर की सभी संस्थाओं के बच्चे किसी न किसी क्षेत्र में काम कर रहे हैं। लेकिन ये संस्थायें संबंधित संस्था में अध्ययनरत बच्चों के अलावा भी अन्य बच्चों का भी ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि अभी तक काम अच्छा हो रहा था, लेकिन वह टुकड़ों-टुकड़ों में हो रहा था। अब सभी को संयुक्त रूप से कार्य करने की आवश्यकता है। ताकि वह सभी को दिखाई दे। संवाद कार्यक्रम में उपस्थित सभी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने अपनी संस्था में स्टार्टअप के लिए किए जा रहे कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अविनाश तिवारी ने बताया कि विश्वविद्यालय के दो – तीन बच्चे मशरूम उत्पादन कर रहे हैं। इन बच्चों को इस क्षेत्र में और आगे बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि ग्वालियर के बच्चों में अपार संभावनायें हैं। उन्हें नई दिशा देने की जरूरत है। कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस के राव ने रूफ वाटर हार्वेस्टिंग एवं किचिन गार्डन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। इनके अलावा एमआईटीएस, होटल मैनेजमेंट, एमिटी विश्वविद्यालय, आईटीएम विश्वविद्यालय, आईआईटीटीएम, श्रीराम ग्रुप, विक्रांत कॉलेज, पॉलीटेक्निक कॉलेज तथा आईटी कंपनी के प्रतिनिधियों ने भी महत्वपूर्ण जानकारी एवं सुझाव दिए।