चारों तरफ सन्नाटा, कर्फ्यू और बैरिकेडिंग...

जोधपुर हिंसा के मामले में अब तक 100 से ज्यादा लोग गिरफ्तार

जोधपुर में सोमवार और मंगलवार की हिंसा के बाद आबोहवा में सन्नाटा पसरा नजर आया। सड़कें वीरान और इलाके में शांति पसरी दिखी। कई इलाकों में बैरिकेडिंग तो दिखी लेकिन पुलिस नदारद थी। जोधपुर हिंसा के मामले में अब तक 100 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 10 थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा हुआ है। इंटरनेट सेवा भी बंद है। जोधपुर के उदय मंदिर, सदर कोतवाली, सदर बाजार समेत 10 इलाकों में मंगलवार दोपहर से ही कर्फ्यू लगाया गया है, जो आज रात 12 बजे तक जारी रहेगा। दूसरी ओर, जोधपुर मामले पर केंद्रीय गृह मंत्रालय भी लगातार नजर बनाए हुए है। 

इस मामले में खुफिया एजेंसियों ने अपनी एक रिपोर्ट केंद्र को भेजी है। आज शाम तक राजस्थान प्रशासन भी अपनी रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भेज सकता है। जोधपुर में सुरक्षा समीक्षा के बाद कर्फ्यू बढ़ाने पर फैसला लिया जाएगा। जोधपुर में सोमवार रात दो समुदायों के बीच झड़प के बाद मंगलवार को ईद के दिन भी कई जगह हिंसा हुई थी। जालोरी गेट सर्कल पर स्वतंत्रता सेनानी की प्रतिमा पर धार्मिक झंडा लगाने को लेकर दो समुदायों के बीच बवाल हुआ था। विवाद खत्म करने के लिए प्रशासन ने भगवा झंडे को हटाकर तिरंगा झंडा लगा दिया है। 

लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। वहीं कबूतर चौक पर उत्पात मचाने के आरोप में 3 लोग हिरासत में लिए गए हैं। जोधपुर में हुई हिंसा का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें उपद्रवी लाठी, डंडे पत्थर के साथ दिखे। कई जगहों पर तनाव फैलाने की कोशिश की गई। वहीं जोधपुर हिंसा को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि हमने दंगा फैलने से रोक दिया है। जोधपुर में बवाल के बाद भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। सीएम गहलोत ने अधिकारियों के साथ मंगलवार को आपातकालीन बैठक की थी।

जोधपुर हिंसा पर केंद्रीय मंत्री और जोधपुर से बीजेपी सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत ने गहलोत सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि शहर में सुनियोजित तरीके से हिंसा फैलाई गई। जबकि राजस्थान सरकार ने हिंसा के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराते हुए माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया। जालोरी गेट सर्कल और कबूतर चौक के अलावा जोधपुर में उपद्रवियों ने बीजेपी विधायक सूर्यकांत व्यास के घर के  बाहर भी हंगामा किया था और घर के बाहर खड़ी गाड़ी में तोड़फोड़ की थी। जोधपुर में हिंसा के बीच कुछ लोगों ने हनुमान चालीसा का पाठ भी किया था।