PM  ने किया “पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना” से लाभान्वित बच्चों को वर्चुअली संबोधित…

भयावह कोरोना काल में प्रधानमंत्री ने देश को सही रास्ता दिखाया : सिंधिया

ग्वालियर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वैश्विक महामारी कोरोना से अपने माता-पिता व अभिभावकों को असमय खो चुके देश भर के बच्चों को सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से “पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना” के तहत विभिन्न प्रकार की सुविधायें जारी कीं। साथ ही अपने संबोधन के जरिए ऐसे सभी बच्चों को भरोसा दिलाया कि सरकार और हर देशवासी पूरी संवेदनशीलता के साथ आप सबके साथ है। यहाँ ग्वालियर कलेक्ट्रेट में केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की मौजूदगी में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कोरोना के भयावह काल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश को इस संकट से उबरने के लिये सही रास्ता दिखाया। 

कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण मौजूद थे। केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने कोरोना से अपने माता-पिता व अभिभावकों को खो चुके जिले के 10 बच्चों को “पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना” के तहत विभिन्न प्रकार की सुविधाओं से युक्त किट व पंजीयन पत्र सौंपे।श्री सिंधिया ने पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना से लाभान्वित सभी बच्चों एवं उनके अभिभावकों से आत्मीयता के साथ भेंट की। साथ ही स्नेहपूर्वक सभी बच्चों को भरोसा दिलाया कि आप सब चिंता न करें केन्द्र व राज्य सरकार तथा सम्पूर्ण भारतवासी आपके साथ हैं। साथ ही पीएम केयर फंड की स्थापना की। यह दुनिया का ऐसा पहला फंड था जिसने कोरोना संकट के समय लोगों का जीवन बचाने में अहम योगदान दिया है। 

साथ ही “पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना” के तहत ऐसे सभी बच्चों के सुरक्षित वर्तमान व भविष्य की जिम्मेदारी ली, जिनके माता-पिता व अभिभावक कोरोना की वजह से सदा के लिए दुनिया छोड़कर चले गए। बच्चों एवं उनके अभिभावकों को संबोधित करते हुए केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि “पीएम केयर फॉर चिल्ड्रन योजना” के तहत बच्चों के रहने, खाने व पढ़ाई की व्यवस्था सरकार ने की है। साथ ही जब बच्चे की आयु 23 वर्ष की होगी तब उसे एक मुश्त 10 लाख रूपए मिलेंगे। आयुष्मान स्वास्थ्य योजना के माध्यम से बच्चों के इलाज की व्यवस्था भी केन्द्र सरकार ने की है। रोजमर्रा की दूसरी जरूरतों के लिए 4 हजार रूपए हर महीने की व्यवस्था भी की गई है। 

सरकार ने एक ऐसा डैशबोर्ड तैयार किया है, जिसके माध्यम से हर बच्चे की मॉनीटरिंग हो रही है। सरकार ऐसे सभी बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिये दृढ़ संकल्पित है। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने बैठक में जानकारी दी कि कोरोना से जिले के जिन बच्चों के माता-पिता दोनों या इनमें से किसी एक की मृत्यु हुई है। ऐसे सभी बच्चों को तीन प्रकार की योजनाओं से लाभान्वित कराया जा रहा है। “पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना” के तहत 10 बच्चों एवं मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना के तहत 44 बच्चों के लालन-पालन व सुरक्षित भविष्य की जिम्मेदारी केन्द्र व राज्य सरकार ने अपने ऊपर ली है। जिला स्तर पर जन सहयोग से शुरू हुई योजना के तहत 121 बच्चों को आर्थिक मदद दी जा रही है। 

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आशीष तिवारी ने “पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना” के तहत बच्चों को दी जाने वाली सुविधाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। आरंभ में दीप प्रज्ज्वलित कर केन्द्रीय मंत्री सिंधिया सहित अन्य अतिथियों ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष एवं कलेक्ट्रेट के सभागार में बैठकर सभी जनप्रतिनिधियों और “पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना” से लाभान्वित बच्चों एवं उनके अभिभावकों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वर्चुअल रूप से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उदबोधन सुना। 

“पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना” के तहत आयोजित हुए कार्यक्रम में लघु उद्योग विकास निगम की अध्यक्ष मरती देवी, पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा, भाजपा जिला अध्यक्ष ग्रामीण कौशल शर्मा, पूर्व विधायकगण रमेश अग्रवाल, रामबरन गुर्जर व मदन कुशवाह, पूर्व महापौर समीक्षा गुप्ता तथा हरीश मेवाफरोश, अशोक शर्मा व मोहन सिंह राठौर सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, संभाग आयुक्त आशीष सक्सेना, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक डी श्रीनिवास वर्मा, कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अमित सांघी, नगर निगम आयुक्त किशोर कान्याल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आशीष तिवारी, अपर कलेक्टर एच बी शर्मा व इच्छित गढ़पाले, संयुक्त संचालक महिला-बाल विकास सीमा शर्मा व प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी राहुल पाठक समेत अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।