दहेज की नुमाइश करने बालो के यहां निकाह न पढ़ाने की बात भी रखी…

मुस्लिम समाज के आइमा-ए-इकराम करेंगे शादी में फिजूल खर्चे करने बालो को जागरूक

ग्वालियर। दरअसल ग्वालियर में मदरसा अल हिजाज़ में ग्वालियर चंबल संभाग के मुफ़्ती ज़फ़र नूरी अजहरी की सरपरस्ती में एक अहम मीटिंग मदरसा अलहिजाज पर रखी गई, जिसमें शहर के तक़रीबन सभी अइम्मा ए किरामो ने शिरकत की और सभी ने इस बात को सख़्ती के साथ रखा कि शादी बियाह में होने वाले ग़ैर शरई कामों पर रोक लगना चाहिए, और जो भी बैंड बाजे, नाच गानों, दहेज की नुमाइश करने वाली बरातों का निकाह पढ़ाए उसका भी शरीयत की रोशनी में मोहासबा होना चाहिए, जिससे शादी में होने वाले फ़िज़ूलख़र्च और दहेज़ की नोमाइश पर भी पाबन्दी लग सके।

चर्चा के दौरान मुफ्ती जफर नूरी अजहरी ने कहा की यह एक अहम पहल है जिसमे आवाम को और समाज के जिम्मेदारान को साथ देना चाहिए जिससे जल्द से जल्द इस पर समाज अमल कर सके। इस मीटिंग में हाफ़िज़ इस्माईल, हाफ़िज़ औरंगजैब, हाफ़िज़ रफ़ीक, हाफ़िज़ ज़ाकिर, मोलना रुस्तम मदारी, हाफ़िज़ मुबीन, हाफ़िज़ ताज, मोलना मोहसिन क़ादरी, हाफ़िज़ तहिर, क़ारी दिलशाद, हाफ़िज़ इलयास, हाफ़िज़ अब्दुल क़ादिर, हज़रत सूफ़ी नौशाद मियाँ, मोलना अब्दुस्सलाम, मोलना अज़हरुलएन, मोलना शारुख़, मोलना मोलना तफसीर, मोलना ज़ियाउलमुस्तफ़ा, मोलना कलिमुल्लाह मिसबही, आदि मौजूद रहे।