सोनिया-राहुल समेत 430 प्रतिनिधि होंगे शामिल…

सियासी संकट से निकलने के लिए उदयपुर में होगा कांग्रेस का तीन दिवसीय चिंतन शिवर

सियासी मझधार में लटकी कांग्रेस लंबे समय बाद आत्ममंथन करने वाली है। उदयपुर में कांग्रेस के तीन दिवसीय चिंतन शिविर की तैयारियों पूरी कर ली गई हैं। पार्टी नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी की मौजूदगी में 13 मई से शुरू होने वाले चिंतन शिविर में कांग्रेस के 430 प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस चिंतन शिविर में संगठन को मजबूत करने पर चर्चा होगी। जानकारी के मुताबिक इस चिंतन शिविर में कांग्रेस एक परिवार एक टिकट, एक व्यक्ति एक पद, पिछड़े, कमजोर वर्गों को प्रतिनिधित्व जैसे कुछ बड़े फैसले कर सकती है। इस बैठक में पार्टी अध्यक्ष पद को लेकर कोई चर्चा नहीं होगी। 

हालांकि कांग्रेस के बागी नेताओं को भी उम्मीद है कि 2024 लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी कड़े फैसले जरूर लेगी। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस चिंतन शिविर में राजनीतिक प्रस्ताव के तहत देश में ध्रुवीकरण के माहौल, राष्ट्रीय सुरक्षा, केंद्र-राज्य संबंध, जम्मू कश्मीर और पूर्वोत्तर के मुद्दे के साथ ही गठबंधन पर चर्चा होगी। मंथन के बाद जो प्रस्ताव तैयार किया जाएगा उस पर 15 मई की सुबह सीडब्ल्यूसी की बैठक मुहर लगाई जाएगी। दोपहर बाद राहुल गांधी का भाषण होगा और फिर पार्टी अध्यक्ष के समापन भाषण के बाद पार्टी चिंतन शिविर के संकल्पों का एलान किया जाएगा। 

चिंतन शिविर में शामिल होने के लिए राहुल गांधी चेतक एक्सप्रेस से उदयपर जाएंगे और उनके साथ पार्टी के करीब 60 नेता भी ट्रेन से सफर करेंगे। चिंतन शिवर को लेकर कांग्रेस के मनीष तिवारी ने कहा, ''जो मुद्दे हमने उठाए हैं उम्मीद है उनका कोई निर्णय चिंतन शिविर में होगा। 19 साल बाद कांग्रेस ऐसा चिंतन शिविर कर रही, अच्छा कदम है। सभी लोगों को अपनी राय बिना हिचक रखने का मौका मिलना चाहिए। उम्मीद है कि चिंतन शिविर में उन सभी मुद्दों को सुना जाएगा जिससे 2024 में कांग्रेस मजबूत हो सके।''