श्रीमद् भागवत कथा का मुख्य उद्देश्य विश्व शांति, स्थिरता एवं लोक कल्याण की भावना है…

पिछले कुछ समय से युवाओं का रुझान अध्यात्म की ओर बढ़ा है : श्रद्धेय श्री कृष्णचंद्र शास्त्री

श्रीमद् भागवत कथा का मुख्य उद्देश्य वर्तमान परिस्थितियों में विश्व शांति स्थिरता एवं लोक कल्याण की भावना है उक्त बात फूलबाग मैदान बालाजी धाम में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के व्यास श्री धाम वृंदावन निवासी विश्व विख्यात भागवत भास्कर पूज्य श्री कृष्णचंद्र शास्त्री जी ने ये विचार व्यक्त किए। श्री शास्त्री जी ने बताया कि पिछले कुछ समय से युवाओं का रुझान अध्यात्म की ओर बढ़ा है आज से काफी साल पहले भागवत कथा में 40 या 50 वर्ष से अधिक के लोग सुनने आया करते थे लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में आज का युवा वर्ग अध्यात्म एवं ज्ञान की ओर बढ़ रहा है जो कि एक अच्छी प्रेरणा है ।

साथ ही उन्होंने कहा कि भारत विश्व गुरु बनने की दिशा में अग्रसर है दुनिया के तमाम देश भारत से अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भारत से सहयोग की अपेक्षा रखते हैं उनका ऐसा करना ही भारत के विश्व गुरु बनने के संकेत देता है। और भारत इस समय ऐसा कर भी रहा है संकट के समय में भारत दुनिया के तमाम देशों की मदद करने से पीछे नहीं हटा है लगातार भारत के द्वारा संकटग्रस्त देशों की मदद की जा रही है।