अव्यवस्थाएँ मिलने पर सफाई एजेन्सी का दो माह का मानदेय रोकने के निर्देश…

मानसिक आरोग्यशाला में उपचार करा रहे सभी मरीजों का कराएँ विशेष स्वास्थ्य परीक्षण : श्री सारंग

ग्वालियर। प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा है कि ग्वालियर मानसिक आरोग्यशाला में उपचार करा रहे सभी मरीजों का विशेष स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए। स्वास्थ्य परीक्षण के उपरांत जो मरीज पूर्णत: स्वस्थ हो गए हैं उन्हें उनके घर भेजने की व्यवस्था भी की जाए। चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री सारंग ने रविवार को मानसिक आरोग्यशाला का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। ग्वालियर मानसिक आरोग्यशाला में निरीक्षण के दौरान संभागीय आयुक्त आशीष सक्सेना, कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, सीईओ जिला पंचायत आशीष तिवारी, ग्वालियर विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष अभय चौधरी, उदय अग्रवाल, अधीक्षक मानसिक आरोग्यशाला डॉ. संजय लहारिया सहित चिकित्सकगण उपस्थित थे। 

चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा है कि मानसिक आरोग्यशाला में भर्ती सभी 255 मरीजों का विशेष स्वास्थ्य परीक्षण चिकित्सकों के माध्यम से कराया जाए। इसके साथ ही आंशिक रूप से ठीक हो गए मरीजों को लाँग स्टे होम में रखने की व्यवस्था भी की जाए।निरीक्षण के दौरान गंदगी पाए जाने पर उन्होंने स्वच्छता एजेन्सी का दो माह का पारिश्रमिक रोकने के निर्देश भी दिए। चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री सारंग ने मानसिक आरोग्यशाला के जनरल वार्ड में महिलाओं एवं पुरूषों के लिये पृथक-पृथक नवीन शौचालय निर्माण के भी निर्देश दिए। उन्होंने मानसिक आरोग्यशाला के अधीक्षक को यह भी निर्देशित किया है कि उपचार करा रहे मरीजों को खाने-पीने एवं मूलभूत सुविधाओं में किसी भी प्रकार की समस्या नहीं आना चाहिए।

संभागीय आयुक्त आशीष सक्सेना ने बताया कि मानसिक आरोग्यशाला के लिये नया लाँग स्टे होम निर्माण की भी तैयारी की जा रही है। वर्तमान में संचालित लाँग स्टे होम में 25 महिलाओं को रखा गया है। जिनमें से 4 महिलाओं को स्वस्थ होने के पश्चात उनके परिजन अपने साथ घर भी ले गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मानसिक आरोग्यशाला में उपचार करा रहे मरीजों को विभिन्न वस्तुओं के निर्माण का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। उनके द्वारा तैयार की गई सामग्री के विक्रय हेतु ग्रामीण हाट बाजार में एक दुकान भी आरक्षित की गई है। संभाग आयुक्त श्री सक्सेना ने बताया कि मानसिक आरोग्यशाला के माध्यम से चिकित्सा के क्षेत्र में भी कार्य किया जा रहा है। संस्था के लिये मैचिंग ग्रांड के भी प्रस्ताव भेजे गए हैं। 

चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने निरीक्षण के उपरांत मानसिक आरोग्यशाला में प्रारंभ की गई चिकित्सा क्लीनिक का भी फीता काटकर शुभारंभ किया। इस क्लीनिक के माध्यम से प्रतिदिन मरीजों का उपचार और स्वास्थ्य परीक्षण होगा। क्लीनिक में आम जनों के लिये उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में भी चिकित्सकों ने विस्तार से जानकारी दी। चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने रविवार को ही जयारोग्य चिकित्सालय पहुँचकर पुराने आईसीयू वार्ड का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आईसीयू में भर्ती मरीजों से भी चर्चा की और व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने बताया कि एक हजार बिस्तर के अस्पताल का निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है। अस्पताल निर्माण के पश्चात पुराने आईसीयू वार्ड का उपयोग कार्डियोलॉजी विभाग के आईसीयू के रूप में किया जायेगा।