अब जहांगीरपुरी में बुलडोजर चलाने की तैयारी, MCD ने दिल्ली पुलिस से मांगे 400 जवान…

जहांगीरपुरी में अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाने के फैसले से बीजेपी पर भड़के ओवैसी

नयी दिल्ली। हनुमान जयंती के दिन शोभा यात्रा के दौरान हुए उपद्रव के बाद से दिल्ली का जहांगीरपुरी इलाका सुर्खियों में है। इस बीच वहां बुलडोजर चलाने की पूरी तैयारी हो गई है। उत्तरी दिल्ली नगर निगम का बुलडोजर अब जहांगीर पुरी में चलनेवाला है। रिपोर्ट्स के मुताबिक उत्तरी दिल्ली नगर निगम जहांगीरपुरी में अवैध कब्जों को हटाने की तैयारी कर रही है। इन अवैध कब्जों को हटाने के लिए उसने दिल्ली पुलिस को एक चिट्ठी लिखकर पुलिसकर्मियों की मांग की है। नगर निगम ने अपनी चिट्ठी में महिला पुलिसकर्मियों की भी मांग की है। इस चिट्ठी के मुताबिक उत्तरी दिल्ली नगर निगम को 20 और 21 अप्रैल सुबह 9:30 बजे से इन पुलिसकर्मियों की जरूरत है।

दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में हनुमान जयंती के मौके पर हुई हिंसा का मामला अब बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। दिल्ली से बाहर के राजनीतिक दल और नेता भी इसमें कूदते नजर आ रहे हैं। अब एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ये प्रतिक्रिया उस फैसले पर दी है जिसमें एमसीडी ने इस इलाके में बने अवैध कब्जों पर बुलडोजर चलाने का फैसला किया है। ओवैसी ने इस मुद्दे पर बीजेपी सरकार सहित दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर भी जमकर निशाना साधा है। ओवैसी ने इस फैसले को 'बीजेपी का गरीबों के खिलाफ जंग का ऐलान बताया है'। साथ ही इस फैसले पर दिल्ली के सीएम अरविंद केजेरीवाल की भूमिका को संदिग्ध बताया है। असदुद्दीन ओवैसी ने अपने ट्वीट में लिखा है, "बीजेपी ने गरीबों के खिलाफ जंग का ऐलान कर दिया है। बीजेपी अतिक्रमण के नाम पर यूपी और एमपी की तरह दिल्ली में भी घरों को तबाह करने जा रही है। कोई नोटिस नहीं, अदालत जाने का मौका नहीं। बस गरीब मुसलमानों को जिंदा रहने की सजा देना है। 

अरविंद केजरीवाल को अपनी संदिग्ध भूमिका को स्पष्ट करना चाहिए। क्या उनकी सरकार का पीडब्ल्यूडी इस 'विध्वंस अभियान' का हिस्सा है? क्या जहांगीरपुरी के लोगों ने उन्हें इस तरह के विश्वासघात और कायरता के लिए ही उन्हें वोट दिया था? उनका बार-बार बचना और ये कहना कि 'पुलिस हमारे नियंत्रण में नहीं है' यहां काम नहीं करेगा। अपने ट्वीट के अंत में असदुद्दीन ओवैसी ने लिखा, निराशाजनक स्थिति।" बता दें कि एमसीडी ने जहांगीरपुरी में बने अवैध मकानों को तोड़ने का फैसला किया है। इस संबंध में उसने दिल्ली पुलिस से करीब 400 पुलिसकर्मी मांगे हैं। एमसीडी अवैध मकानों को गिराने की कार्ऱवाई 20 या 21 अप्रैल को करना चाहती है। एमसीडी में बीजेपी का कब्जा है।