इंदौर में प्रत्यक्षदर्शी ने बनाया वीडियो, वायरल…

मध्य प्रदेश के मालवा-निमाड़ इलाके में लोगों को दिखा गिरता हुआ उल्कापिंड !

इंदौर। मध्य प्रदेश के मालवा-निमाड़ इलाके में करीब आठ बजे लोगों ने आसमान से उल्कापिंड जैसी वस्तु गिरते देखी। दो टुकड़ों में गिरती हुई वस्तु चमक रही थी। इंदौर, धार, खंडवा सहित अन्य इलाकों में लोगों ने इसे नीचे गिरते हुए देखा, इस दौरान कुछ लोगों ने मोबाइल से इसके वीडियो भी बना लिए। वीडियो तुरंत ही इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो गए और अलग-अलग जगहों से इसके देखे जाने की बात सामने आने लगी। इंटरनेट मीडिया पर चल रहे मैसेज में इसके धार और खंडवा में गिरने की बात चल रही थी।

इंदौर में प्रत्यक्षदर्शी ने बना लिया वीडियो

शुक्रवार देर 8 बजे शहरवासियों ने आसमान में जलता हुआ उल्कापिंड देखा। इस उल्कापिंड के गिरने की घटना को एक प्रत्यदर्शी ने अपने मोबाइल में रिकार्ड किया। यह वीडियो देखते ही देखते इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो गया और आमजन के बीच चर्चा का विषय बन गया। भोपाल स्थित मौसम केंद्र के डिप्टी डायरेक्टर वेद प्रकाश सिंह के मुताबिक उन्हें मिली सूचना के मुताबिक खंडवा में उल्कापिंड गिरने की घटना सामने आई है। उल्कापिंड पुच्छल तारे के रूप में होते है। ये जब गिरते हैं तो इनकी चमक इतनी ज्यादा होती है कि 200 से 300 किलोमीटर के दायरे के लोग भी आसमान में इसे देखा जा सकता है। 

छोटे-छोटे उल्कापिंड की उम्र 100 साल या उसके आसपास होती है। ये सौर मंडल में चक्कर लगाते हुए किसी भी ग्रह के वायुमंडल में प्रवेश कर जाते हैं। इसी तरह ये पृथ्वी के वायुमंडल में जब आते है तो वायुमंडल की अधिक सघनता के कारण घर्षण से जल जाते हैं। इस तरह यह जलकर धरती पर गिर जाते हैं। राजस्थान में भी पिछले सप्ताह उल्कापिंड गिरने की इस तरह की घटना सामने आई थी। उल्कापिंड को टूटता हुआ तारा कहा जाता है। ये जहां भी गिरते हैं वहां पर गड्ढा होता है। छोटे आकार के उल्कापिंड के गिरने पर तीन से चार फीट का गड्ढा होता है। वहीं बड़े उल्कापिंड होने पर गड्ढे की गहराई अधिक होती है।

धार जिले में आसमान में दिखाई दिया चमकता हुआ उल्कापिंड

धार जिले के नालछा-बगड़ी क्षेत्र में भी शाम अचानक आसमान में मिसाइल जैसा चमकती हुई वस्तु दिखाई दी। तेज गति से निकलते हुए मिसाइल जैसे इस चमकीले अद्भुभूत चीज देखकर लोगों ने इसके वीडियो बनाए। चमकती हुई मिसाइल जैसे आसमान में तेज गति से जा रही थी जो कि जमीन की ओर बढ़ते हुए दिखाई दे रही थी। बाद में कुछ लोगों ने यह साफ किया कि यह मिसाइल नहीं उल्कापिंड है।