विधायक प्रवीण पाठक की सोशल मीडियो पोस्ट के कारण…

1 दिन के विधायक बनेंगे 3 फुट 7 इंच के अंकेश कोष्ठी !

ग्वालियर। बौनापन कभी आदमी की जिंदगी पर इतना भारी पड़ जाता है की उसके पास डिग्री होने के बाद भी दर-दर भटकना पड़ता है। ऐसा ही एक मामला मध्यप्रदेश के ग्वालियर शहर से सामने आया है, जहां 3 फुट 7 इंच के 28 वर्षीय एमबीए पास युवक को रोजगार के लिए दर-दर की ठोकरे खानी पड़ी। हालांकि स्थानीय कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक की सोशल मीडिया पोस्ट की मदद से अब उसके पास जॉब के कई ऑफर आ रहे हैं। प्रवीण पाठक ने उन्हें एक दिन का विधायक बनाने के लिए भी कहा है। यह कहानी लाला का बाजार में रहने वाले अंकेश कोष्ठी की है। वह पर्सनालिटी के लिहाज से अच्छी नौकरी पाने में चूक जाते थे। क्योंकि अंकेश कोष्ठी की उम्र 28 साल है, लेकिन वह लगते 14 से 15 साल के स्टूडेंट हैं। बस फिर क्या था जब कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक को पता लगा कि वह PGDM (पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मैनेजमेंट) किए है। 

तत्काल विधायक ने अंकेश कोष्ठी की अपने साथ एक फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड करते हुए लिखा कि वह MBA किए हैं। इनके लिए कोई जॉब हो जो बताएं। कांग्रेस के विधायक प्रवीण पाठक अंकेश कोष्ठी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने बताया कि विषम परिस्थियों के कारण युवक को नौकरी नहीं मिल रही है। MBA की डिग्री किए हुए है। देखते ही देखते पोस्ट वायरल हो गई और अब तक अंकेश के पास 30 से 35 जगहों से ऑफर हैं। वो अब धीरे-धीरे सभी जगह इंटरव्यू के लिए जा रहा है। ग्वालियर दक्षिण से कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक का पोस्ट के बाद अंकेश पूरे शहर में चर्चित हो गया। अंकेश कोष्ठी के लिए जॉब के ऑफर विधायक पाठक के पास आने लगे। जब उन्होंने यह अंकेश को बताया तो उसकी खुशी का ठिकाना ही नहीं रहा। बताया जा रहा है अब कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक अंकेश को एक दिन का विधायक भी बनाने जा रहे हैं। 

अंकेश कोष्ठी ग्वालियर के लाला का बाजार में रहते हैं। मां बीड़ी के कारखाने में काम करती हैं। पिता कॉर्नर पर सिलाई की दुकान चलाते हैं। दो भाई एक बहन में अंकेश बीच के हैं। उम्र 28 की होने के बाद भी वह शरीर का विकास नहीं होने पर 14 से 15 साल के बालक की तरह दिखते हैं, जबकि अंकेश ने साल 2020 में PGDM किया है। उसके बाद से अपने लिए जॉब सर्च कर रहे हैं, लेकिन हर बार उनका पर्सनालिटी आड़े आ जाती थी। अंकेश को मां के आधार कार्ड में उम्र का करेक्शन कराना था, लेकिन उनकी मां के जन्म का कोई प्रमाण पत्र नहीं था। इसके लिए वो क्षेत्रीय विधायक से लिखित बोनाफाइड लेने पहुंचे थे। इस दौरान विधायक को ने अंकेश से बात की तो पता लगा कि वह मैनेजमेंट का कोर्स किया है। गरीबी और प्रतिकूल हालात में भी उसने पढ़ाई जारी रखी, लेकिन नौकरी नहीं मिल पाई। इस पर विधायक ने उसकी मदद की पहल की।