मध् प्रदेश सरकार ने पांच दिन और बढ़ाई पंजीयन कराने की तारीख…

MP में 17 लाख किसानों ने समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए कराया पंजीयन

 

भोपाल। मध्य प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए 17 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है। पंजीयन कराने की अंतिम तिथि पांच मार्च थी लेकिन किसानों की सुविधा को देखते हुए इस पांच दिन बढ़ाकर दस मार्च कर दिया गया है उधर, पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा कि पंजीयन की प्रक्रिया को जटिल करके किसानों को परेशान किया जा रहा है आधार से बैंक खाता और खसरे को लिंक कराने के लिए उन्हें परेशान होना पड़ रहा है। इसकी वजह लाखों किसान अब तक पंजीयन नहीं कराया पाए हैं।

पिछले साल 22 लाख किसानों ने समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए पंजीयन कराया था। इसमें से 17 लाख किसानों ने उपार्जन केंद्रों पर उपज बेची थी खाद्य, नागरिक आपूर्ति संचालनालय के अधिकारियों ने बताया कि अभी तक 17 लाख किसान पंजीयन करा चुके हैं किसानों से ही गेहूं खरीदना और सही व्यक्ति को भुगतान सुनिश्चित करने के लिए खसरे के सर्वे नंबर को आधार से लिंक करने की व्यवस्था बनाई है। पोस्ट आफिस के साथ समन्वय भी बनाया गया है ताकि किसान को परेशानी हो।

उधर, पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रक्रिया में बदलाव के कारण बुजुर्ग , महिला और दिव्यांग किसान आधार से बैंक खाता और खसरे के सर्वे नंबर को लिंक कराने के लिए भटक रहे हैं। इससे साफ है कि सरकार नहीं चाहती है कि उसे समर्थन मूल्य पर सभी पात्र किसानों से गेहूं खरीदना पड़े। यही वजह है कि प्रक्रिया को जटिल बना दिया है किसान पहले से खाद-बीज के संकट से परेशान हैं ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को अब तक फसल बीमा नहीं मिला है। फसल बीमा की जो राशि दी गई, उसका समायोजन ऋण में कर लिया।