जीवन में खुशियों की प्रासंगिकता बनाए रखने की सलाह…

ग्वालियर के आनन्दको ने मनाया अन्तर्राष्ट्रीय खुशहाली दिवस

ग्वालियर। गांधी प्राणी उद्यान फूलबाग पर आत्म शांति आनंदम क्लब एवं ग्वालियर आनन्दक टीम द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय खुशहाली दिवस मनाया गया। जिसमे आम लोगो से खुश रहने के बारे चर्चा की गई। साथ ही प्रश्नोत्तर के माध्यम से खुशी का महत्व समझाया गया। राज्य आनन्द संस्थान की आनन्द गतिविधियों एवं कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही आनन्दक जोड़ो अभियान 2022 से भी लोगों को अवगत कराया गया। डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम लीडर (आनन्द) विजय कुमार ने इस अवसर पर कहा कि 20 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय खुशहाली दिवस मनाने के पीछे यह उद्देश्य है कि दुनिया भर के लोगों के जीवन में खुशी के महत्व को महसूस करें। 

इस दिवस के माध्यम से जीवन में सकारातमकता का प्रसार भी किया जाता है। किसी व्यक्ति के जीवन में खुशी सबसे महत्वपूर्ण चीजों में से एक होती है। जिस दिन जीवन में हम खुशी की प्रासंगिकता को पहचानना शुरू करते हैं, हम लंबे समय तक जीवित तो रहते ही हैं, साथ ही अधिक उत्साह से जीवन के प्रति जागरूक होते हैं। मास्टर ट्रेनर ए. के. शर्मा ने बताया कि चेहरे पर मुस्कुराहट बरकरार रखना बहुत ही अद्भुत कला है। खुश रहने की सबकी अपनी-अपनी वजहें होती हैं। आनंदम सहयोगी सुनील चोपड़ा ने बताया कि जो खुश हैं वही दूसरों को भी खुश रखेगा। 

खुश रहना एक व्यक्तिगत चॉइस है। लोग जीवन में छोटी से छोटी चीजों, घूमने-फिरने, खरीदारी करने, पेंटिंग और स्विमिंग, मिलने-जुलने में भी खुशी पाते हैं। आनंदम सहयोगी गजेन्द्र सरकार ने बताया कि खुश रहने के लिए लोग योग, फनी वीडियोज़, कॉर्टून सीरियल्स और जोक्स जैसी कई चीज़ों का सहारा ले रहे हैं। बाहरी चीज़ों के साथ-साथ अंदर से सुकून होगा तो चेहरे पर मुस्कान हमेशा कायम रहेगी। मास्टर ट्रेनर दीप्ति उपाध्याय, आनंदम सहयोगी भारती शाक्य, तृप्ति शर्मा, सपना पांडे, नेहा शर्मा, ध्रुव श्रीवास्तव, गोविन्द चौबे, आशोक गुप्ता व किशन धाकड़ ने लोगो को खुश रहने के बारे में बताया एवं चर्चा में सहयोग किया।