चार लाख रुपये तक पर्यावरण क्षति अर्थदंड…

MP में अब खनिज के अवैध परिवहन पर लगेगी 15 गुना रायल्टी

 

भोपाल। प्रदेश में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर कार्रवाई करने के लिए अब नए नियम होंगे। इसमें खनिज के अवैध परिवहन पर अब वाहन जुर्माना नहीं देने पर ही राजसात होंगे। अवैध उत्खनन एवं भंडारण के मामले में रायल्टी का 15 गुना तथा इसके बराबर राशि पर्यावरण क्षतिपूर्ति के रूप में ली जाएगी। जुर्माना राशि जमा नहीं करने पर जब्त वाहन और मशीनों को राजसात करने के साथ दंड की राशि दोगुनी लगेगी। जब्त वाहन को सुपुर्दगी के लिए भी पचास हजार रुपये से लेकर चार लाख रुपये तक देने होंगे। राज्य सरकार के प्रवक्ता गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने कैबिनेट के निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि खनिज के अवैध उत्खनन और परिवहन को रोकने के लिए कड़े प्रविधान किए गए हैं जुर्माने की राशि भी दोगुना तक बढ़ाई गई है अवैध परिवहन के मामले में जब्त खनिज की रायल्टी का 15 गुना तथा वाहन क्षमता अनुसार पर्यावरण क्षति की राशि अर्थदंड के रूप में अधिरोपित की जाएगी।

जुर्माना चुकाने पर इसे दोगुना करने के साथ वाहन राजसात किया जाएगा। परमिट में दर्ज मात्रा से अधिक का परिवहन पाए जाने पर अधिक मात्रा के खनिज की रायल्टी का 15 गुना और वाहन क्षमता के अनुपातिक रूप में पर्यावरण क्षति दंड के रूप में ली जाएगी। जुर्माना राशि जमा नहीं करने पर यह दोगुनी हो जाएगी पर वाहन राजसात नहीं किया जाएगा। राशि जमा करने पर जब्त वाहन उसके मालिक को दे दिया जाएगा। जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर भू-राजस्व की तरह संपत्ति नीलाम करके वसूली जाएगी। वाहन में मात्रा से अधिक खनिज का परिवहन करने पर वाहन के हिसाब से पर्यावरण क्षति की राशि वसूली जाएगी। इसमें ट्रैक्टर ट्राली पर 25 हजार रुपये, छह पहिया वाहन पर पचास हजार, डंपर पर एक लाख, 10 पहिया वाहन पर दो लाख और 10 पहिया से अधिक के वाहन पर चार लाख पर्यावरण क्षति की राशि वसूली जाएगी।

प्रदेश के सभी 412 नगरीय निकायों में सरकार अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन का दूसरा चरण लागू होगा। इसमें पाइप लाइन एवं घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से जल प्रदाय, अमृत शहरों में सीवरेज प्रबंधन तथा उपचारित जल के फिर से उपयोग को प्रोत्साहन, जलीय संरचनाओं और हरित क्षेत्रों का विकास किया जाएगा। ग्वालियर में ट्रिपल आइटीएम कालेज से महारानी लक्ष्मीबाई प्रतिमा तक स्वर्ण रेखा नाले के ऊपर फोरलेन फ्लाई ओवर बनाया जाएगा। लगभग साढे छह किलोमीटर लंबे 446 करोड रुपये की लागत वाले इस फ्लाई ओवर के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार किया जा चुका है। प्रदेश में निवेशकों को आकर्षित करने और उन्हें सुविधा मुहैया कराने के लिए दो नए औद्योगिक केंद्र विकसित किए जाएंगे।

यह भोपाल के बगरौदा गोकलाकुंडी और सीहोर के बडियाखेडी में होंगे। यहां निवेशकों को विकसित भूखंड उपलब्ध कराए जाएंगे। ये दोनों औद्योगिक केंद्र नर्मदा एक्सप्रेस वे का हिस्सा होंगे। इससे लगभग दो हजार व्यक्तियों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। भोपाल में 23वीं एवं 25वीं वाहिनी परिसर में 50 बिस्तर का सर्वसुविधायुक्त अस्पताल बनाया जाएगा। इसमें मध्य प्रदेश पुलिस के सभी स्वास्थ्य केंद्रों से स्थानांतरित किए जाने वाले पुलिसकर्मियों का इलाज किया जाएगा। इसकी घोषणा मुख्यमंत्री ने की थी। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि प्रदेश में अब वर्चुअल कैबिनेट नहीं होगी। कोरोना महामारी की स्थिति को देखते हुए पिछले कुछ समय से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कैबिनेट की बैठक संपन्न की जा रही थी। बैठक में सभी मंत्रियों को मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि वे अपने गांव का जन्मदिन मनाने के लिए एक दिन सुनिश्चित करें।