महिलाओं बच्चों के बीच…

सावित्रीबाई फुले की पाठशाला में मनी सावित्रीबाई फुले की जयंती

 

ग्वालियर। नीव शिक्षा जन कल्याण समिति अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति द्वारा निःशुल्क संचालित सावित्रीबाई फुले की पाठशाला (जाटव पुरा ) में महिलाओं बच्चों के बीच सावित्रीबाई फुले की जयंती मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता कस्तूरी बाई जाटव द्वारा की गई, कार्यक्रम के अतिथि महिला नेत्री सुनीता गौतम, पी.पी. शर्मा (समाजसेवी), अशोक सेंगर (वरिष्ठ रंगकर्मी), निखिल गंधे (समाजसेवी), स्वप्निल (एडवोकेट), रानी शाक्य (शिक्षिका) मौजूद रहे।

कार्यक्रम का संचालन नींव शिक्षा जनकल्याण समिति की सचिव रीना शाक्य द्वारा किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ रंगकर्मी अशोक सेंगर ने संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ अन्य रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ने से बच्चों के व्यक्तित्व का संपूर्ण विकास होता है। महिला नेत्री सुनीता गौतम ने सावित्रीबाई फुले के जीवन पर प्रकाश डाला और बताया तमाम तरह की सामाजिक बाधाओं को तोड़ते हुए 1848 में सावित्रीबाई फुले ने बच्चियों और महिलाओं के लिए पहला स्कूल खोला।

समाजसेवी पी.पी. शर्मा ने बच्चों को शिक्षित होने के लिए प्रेरित किया और कहा ना सिर्फ आप खुद शिक्षित हों बल्कि अपने घरों में अशिक्षित महिलाओं को भी शिक्षा देने का कार्य कीजिए। एडवोकेट स्वप्निल ने वंचित समुदाय के कानूनी अधिकारों के बारे में सभी को जानकारी दी। कार्यक्रम में तबस्सुम खान, गीता जाटव, साधना कोल ने  जनवादी गीत प्रस्तुत किए।