प्रशासनिक भवन पर ताला लगाया तो छज्जे पर चढ़ा युवक...

मार्कशीट मामले में FIR को लेकर NSUI का JU में हंगामा

जीवाजी यूनिवर्सिटी में मार्कशीट मामले में FIR को लेकर NSUI ने जमकर हंगामा किया है। जब NSUI के हंगामे को देखकर प्रशासनिक भवन पर ताला लगा दिया गया तो NSUI नेता भवन के छज्जे पर चढ़ गया और वहां से कूदकर जान से देने की चेतावनी दी। भवन में अंदर कर्मचारी फंसे थे और बाहर NSUI हंगामा कर रही थी। हंगामा की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची, लेकिन छात्र नेता नीचे उतरने को तैयार नहीं था। छात्र नेता का कहना था कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा वह नीचे नहीं आएग। बल्कि अपनी जान दे देगा। करीब 4 घंटे तक छात्र छत पर चढ़ा रहा। काफी देर समझाइश के बाद भी जब छात्र नहीं माना तो पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने छात्र को समझाया। पुलिस अफसर, जेयू के अफसर और छात्रों के बीच बातचीत के बाद तय किया गया कि शुक्रवार को छात्र द्वारा एक आवेदन यूनिवर्सिटी में दिया जाएगा, इसके आधार पर यूनिवर्सिटी के अफसर एक पत्र पुलिस को कार्रवाई के लिए भेजेंगे।

मुरैना के शिवशंकर कॉलेज सुमावली के छात्र जितेंद्र कुमार पिछले लगभग 6 माह से अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं। इन्होंने BSC प्रथम वर्ष की परीक्षा कॉलेज से दी थी, यूनिवर्सिटी ने उनका मार्क स्टेटमेंट तो दे दिया लेकिन इसके बाद कहा गया कि उसने परीक्षा फॉर्म नहीं भरा है और पेपर भी नहीं दिए। विद्यार्थी ने अपनी परीक्षा में उपस्थिति का सुबूत तक दे दिया। इसके बाद भी उसकी मार्कशीट नहीं दी गई। छात्र ने अपने स्तर पर चार्ट में गड़बड़ी के सुबूत जुटाकर भी अधिकारियों को दिए। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं की गई। छात्र आरोप लगा रहे थे कि यूनिवर्सिटी प्रबंधन द्वारा अपने अधिकारी और कर्मचारियों को बचाया जा रहा है। इस मामले को लेकर गुरुवार को NSUI ने जेयू में प्रदर्शन किया। NSUI चाहता था कि मार्कशीट मामले मंे लापरवाही बरतने वालों पर मामला दर्ज किया जाए। जब मांग नहीं मानी और NSUI नेताओं को देखकर जेयू ने प्रशासनिक भवन के गेट का ताला लगा दिया। 

NSUI के पदाधिकारी सचिन भदौरिया, वंश माहेश्वरी, यतेंद्र सिंह ,जितेंद्र कुमार के साथ जेयू पहुंचे थे। जब प्रशासनिक भवन का दरवाजा नहीं खोला गया तो छात्र नेता जितेन्द्र कुमार प्रशासनिक भवन के छज्जे पर चढ़ गया। छात्र का कहना था कि उसकी बात सुनने के बजाय गेट के ताले डाल दिए गए हैं। जब तक गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई नहीं की जाती है तब तक वहां से नहीं हटेंगे। भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो वह जान दे देगा। इसके बाद CSP रत्नेश तोमर पहुंचे, छात्र को उतरवाया और इसके बाद जेयू प्रबंधन और छात्रों से बात की। छात्रों की बात समझने के बाद CSP तोमर ने जेयू प्रबंधन से कहा है कि छात्र की लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस कार्रवाई के लिए पत्र भेजें। यहां पर छात्र से कहा गया था कि उसके लिए ऐसा रास्ता निकाला जा सकता है जिससे उसका साल खराब न हो। इस पर छात्र का कहना था कि वह भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई चाहता है।