मध्य प्रदेश त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का बजा डंका…

निर्वाचन आयोग का फैसला  तय समय पर ही होंगे चुनाव


भोपाल। पंचायत चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने साफ कर दिया है कि अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के आरक्षित पदों को छोड़कर शेष पदों के लिए चुनाव प्रक्रिया जारी रहेगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर विचार के लिए शनिवार को आयोग में बुलाई गई बैठक में यह तय किया गया है। आयोग ने राज्य सरकार को पत्र लिखा है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुरूप ओबीसी आरक्षण वाले पदों को भी सात दिन में रि-नोटिफाइड (पुन: अधिसूचित) करें। ताकि उन सीटों पर भी चुनाव कराया जा सके। 

मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग में करीब एक घंटे चली बैठक के बाद आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को ओबीसी के लिए आरक्षित पदों के लिए 17 दिसंबर 2021 तक जमा नाम निर्देशन पत्रों को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुसार अन्य पदों के लिए निर्वाचन की प्रक्रिया पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगी। बैठक में सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूर्व में के.कृष्णमूर्ति एवं विकास किशन राव गवली प्रकरण में दिए गए निर्णय का भी अध्ययन किया गया उल्लेखनीय है कि प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए जिला पंचायत सदस्य के 155, जनपद पंचायत सदस्य के 1273, सरपंच के 4058 और पंच के 64 हजार 353 पद आरक्षित हैं। बैठक में राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव बीएस जामोद, ओएसडी दुर्ग विजय सिंह एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पालन में आयोग ने पंचायत चुनाव के लिए जारी कार्यक्रम के तहत ओबीसी के लिए आरक्षित पंच, सरपंच, जनपद पंचायत एवं जिला पंचायत सदस्य के पदों की निर्वाचन प्रक्रिया स्थगित कर दी है। राज्य सरकार को ओबीसी आरक्षण वाले पदों को सात दिन में रि-नोटिफाइड करने के लिए पत्र लिख रहे हैं आरक्षण के संबंध में कार्यवाही का अधिकार राज्य सरकार को है -  बसंत प्रताप सिंह, आयुक्त, राज्य निर्वाचन आयोग