JAH में पिछले 48 घंटों में आये हार्टअटैक के 41 केस…

दिल और दिमाग पर जाड़े का जानलेवा असर !

ग्वालियर में कड़ाके की ठंड का कहर जारी है। लगातार दो दिन से तापमान रिकॉर्ड तोड़ रहा है। उत्तर भारत से आने वाली ठंडी हवा ने लोगों की जान मुश्किल में डाल दी है। लगातार गिरते तापमान का असर अब लोगों के दिल, दिमाग पर पड़ने लगा है। बीते 48 घंटे में अंचल के सबसे बड़े अस्पताल JAH (जयारोग्य हॉस्पिटल) के कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी व न्यूरो सर्जरी विभाग में 41 मरीज गंभीर हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक व ब्रेन हेमरेज के आए हैं। ये मामले शनिवार सुबह से सोमवार दोपहर के बीच आए हैं। कार्डियोलॉजी के ICU में अभी 73 मरीज हैं। लगातार ठंड बढ़ती जा रही है। इस तरह के मामलों में इजाफा हो रहा है। हार्ट अटैक के मामलों में एक सप्ताह में 15 फीसदी की वृद्धि हुई है। ब्रेन हेमरेज के मामले 25 फीसदी बढ़े हैं। यह आंकड़ा तो शहर के शासकीय अस्पताल का है। 

प्राइवेट हॉस्पिटल के आंकड़े इसमें जोड़ दें, तो बीते दो दिन में एक सैकड़ा से ज्यादा मरीज सामने आ चुके हैं। इस समय उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड का दौर जारी है। जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में दिखने लगा है। बीते दो दिन रविवार और सोमवार को न्यूनतम तापमान 1.8 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज हुआ है। यह बीते 27 साल में अभी तक सबसे कम है। इससे पहले 1994 में दिसंबर में पारा इससे नीचे गया था। यही ठंड अब लोगों को सताने लगी है। लगातार 2 डिग्री और उसके नीचे बने तापमान के कारण शहर के अस्पताल में हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक व ब्रेन हेमरेज के मामले बढ़ने लगे हैं। मौसम विभाग ने अभी आने वाले दिनों में ठंड का कहर और बढ़ने की चेतावनी दी है। जो दिल और दिमाग के मरीजों के लिए काफी खतरनाक हो सकता है। 

इस बार की सर्दी में अस्पतालों में पिछले वर्षों की तुलना में हार्ट अटैक के मरीजों की संख्या बढ़ी है। अंचल के सबसे बड़े हॉस्पिटल JAH के कार्डियोलॉजी विभाग में शनिवार (18 दिसंबर) की शाम तक 63 हार्ट अटैक के पेशेंट भर्ती थे। 19 और 20 दिसंबर को तापमान अचानक नीचे गिरा, तो 48 घंटे में ही 10 गंभीर हार्ट अटैक के मामले सामने आए हैं। कुल हार्ट अटैक के पेशेंट 73 हो गए हैं। माइनर अटैक वालों की संख्या कहीं ज्यादा है। निजी अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या एक सैकड़ा के करीब है। बीते 7 दिन में 15 फीसदी से ज्यादा केस बढ़ गए हैं। ठंड का असर सिर्फ दिल पर ही भारी नहीं पड़ रहा है, बल्कि यह दिमाग पर भी भारी है। लगातार कम हुए तापमान के कारण बीते 48 घंटे में JAH के न्यूरोलॉजी व न्यूरोसर्जरी में 31 के करीब मरीज ब्रेन स्ट्रोक और ब्रेन हेमरेज के आ चुके हैं। ठंड के कारण दिमाग पर असर पड़ता है। न्यूरोलॉजी में गंभीर ब्रेन हेमरेज के मरीज आ रहे हैं। बीते 7 दिन में 20 फीसदी की वृद्धि हुई है।

लक्षण - दिल तक खून पहुंचाने वाली किसी एक या एक से अधिक धमनियों में रुकावट आने पर हार्ट अटैक आता है। सर्दियों में दिल के दौरे का खतरा बढ़ जाता है, क्योंकि धमनियां सिकुड़ती हैं और रक्त गाढ़ा होता जाता है। अगर सीने, बांह, कोहनी या छाती की हड्डियों में असहजता, दबाव, भारीपन या दर्द का अहसास हो तो हार्ट की शिकायत हो सकती है। इस दौरान पीठ, जबड़े, गले और बाहों में मरीज असहज महसूस करते हैं। मितली, पेट में समस्या, बहुत ज्यादा कमजोरी, दिल की धड़कनों का तेज या अनियमित होना भी इसके लक्षण हैं।

न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. अविनाश ने बताया कि इस बार सर्दी में हर सप्ताह करीब 20-25 लोगों को ब्रेन हेमरेज हो रहा है। इन मामलों में हाई ब्लड प्रेशर के मरीज ज्यादा हैं। अब 30 से 35 साल के युवकों में भी ब्रेन हेमरेज के मामले बढ़ रहे हैं। लोगों को सावधान रहने की जरूरत है।

जेएएच में कार्डियोलॉजी विभाग के एचओडी  डॉ. पुनीत रस्तोगी ने बताया कि ठंड में दिल की बीमारी से पीड़ित रोगियों में अटैक का खतरा अधिक होता है। बीते सात दिन में अचानक केस बढ़ गए हैं। बीते 48 घंटे में ही करीब 10 गंभीर हार्ट पेशेंट सामने आए हैं। लोगों को ऐसे समय में ख्याल रखना चाहिए। फुल गर्म कपड़े पहनने चाहिए। सुबह सैर पर जाने से बचें।

ऐसे बचें -

  • खाने में नमक कम लें
  • वजन न बढ़ने दें
  • कड़ाके की ठंड से बचें
  • टहलने की आदत डालें
  • योगासन करें
  • नियमित रूप से स्वास्थ्य की जांच कराएं
  • बीपी पेशेंट दवाओं का सेवन न छोड़ें