बढ़े हुए GST के खिलाफ होर्डिंग-बैनर लगाकर फूंका विरोध का बिगुल…

जिले में फुटवियर व कपड़ों पर GST बढ़ाने का विरोध शुरू

कपड़ा व फुटवियर (1000 से कम मूल्य पर) पर जीएसटी की दर पांच से बढ़ाकर 12 प्रतिशत किए जाने का विरोध शुरू हो गया है। शनिवार को शहर की कुछ जूता व कपड़ों की दुकानों पर बढ़े हुए जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) के खिलाफ होर्डिंग-बैनर लगाकर विरोध का बिगुल फूंका गया। होर्डिंग-बैनर लगाने का मकसद भविष्य में होने वाली महंगाई से आम जनता को अवगत कराना है। जिससे कि व्यापारियों का विरोध जनआंदोलन का रूप ले सके। जीएसटी की यह बढ़ी हुई दरें 1 जनवरी 2022 से लागू की जाएंगी। जिसका विरोध व्यापारियों ने अभी से शुरू कर दिया है। शुक्रवार को विरोध की रणनीति बनाने चैंबर भवन में व्यापारियों की बैठक हुई थी। जिसमें जीएसटी बढ़ाए जाने के विरोध में चरणबद्ध आंदोलन करने का निर्णय लिया गया था। चैंबर भी व्यापारियों की लड़ाई में शामिल है। 

जिसके तहत विस्तृत ज्ञापन बनाकर केंद्रीय वित्त मंत्री, कपड़ा मंत्री, सांसद व अन्य जनप्रतिनिधियों सहित संबंधितों को शनिवार को प्रेषित किया गया है। सात दिन का इंतजार चैंबर द्वारा किया जाएगा, तब तक कपड़ा व जूतों से संबंधित बाजारों में इस कर के विरोध में होर्डिंग लगाए जाने का काम किया जाएगा।सात दिन बाद पुन: चैंबर में बैठक आयोजित की जाएगी। जिसमें निर्णय लिया जाएगा कि आगे इस आंदोलन को कैसे बढ़ाया जाना है। शुक्रवार को ही बैठक में होर्डिंग-बैनर दुकानों पर लगाने का निर्णय लिया गया था। ऐसे में शनिवार को व्यापारियों द्वारा होर्डिंग बनवाए गए। फिलहाल नया बाजार स्थित कपड़े की दुकानों पर होर्डिंग लगे हैं। रविवार को टोपी बाजार, दही मंडी, दौलतगंज, गांधी मार्केट, नेहरू मार्केट, सुभाष मार्केट, नजरबाग मार्केट समेत संपूर्ण महाराज बाड़ा।

 हजीरा मार्केट और मुरार सदर बाजार समेत अन्य बाजारों में विरोध के लिए होर्डिंग लगाए जाएंगे। चैंबर आफ कामर्स ने केंद्रीय मंत्रियों को लिखा पत्रः एक हजार मूल्य तक के कपड़े व जूतों पर जीएसटी पांच प्रतिशत की बजाय 12 प्रतिशत किए जाने का विरोध चैंबर ने भी शुरू कर दिया है। शनिवार को चैंबर द्वारा केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी व सांसद विवेक नारायण शेजवलकर को पत्र प्रेषित किया। 7% की बढ़ोतरी सीधे ग्राहकों पर आएगीः चैंबर पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार द्वारा जीएसटी बढ़ाने का कारण इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर बताया गया है। जिसके तहत टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज को अधिक दर से माल खरीदने तथा कम दर से माल बेचने की प्रक्रिया होती है। 

जिसके कारण सरकार को टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज को रिफंड देना होता है। इस प्रक्रिया से बचने के लिए सरकार ने जीएसटी की दर में बढ़ोतरी की है। सरकार को इस बढ़ोतरी पर विशेष ध्यान देना चहिए था, क्योंकि 7% की बढ़ोतरी सीधे ग्राहकों के ऊपर आएगी और व्यापार चलने में असुविधा होगी। चैंबर ने पत्र में सुझाव दिया है कि सरकार टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज को कंसेशनल रेट के तहत माल उपलब्ध कराए। जिसका सीधा असर यह होगा कि रिफंड प्रक्रिया से सरकार बच जाएगी। चैंबर ने चेतावनी दी है कि जल्द ही बढ़ी हुई जीएसटी की दरों को वापस लिया जाए नहीं तो देशभर के कपड़ा व जूता व्यवसायियों द्वारा जनसमर्थन प्राप्त करते हुए बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जो सरकार के लिए उचित नहीं होगा।