4 घंटे दही मंडी में मची रही दहशत…

दीपावली पर जूता फैक्ट्री गोदाम में आग

ग्वालियर में दीपावली की रात एक जूता फैक्ट्री गोदाम में पटाखा गिरने से आग लग गई है। आग रात 3 से 4 बजे के बीच लगी है। आग का पता शुक्रवार सुबह 5 बजे उस समय लगा जब गोदाम से आग की लपटें निकलती दिखीं। घटना की सूचना मिलते ही रात्रि गश्त पर निकले TI हजीरा आलोक सिंह मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला। तत्काल फायर ब्रिगेड को बुलाया गया। यहां एक पड़ोसी भाजपा नेता जान बचाने के लिए टीन शेड से कूदे तो गिरकर घायल भी हुए हैं। फायर ब्रिगेड ने करीब 4 घंटे की मशक्कत और 10 फायर ब्रिगेड पानी फायरिंग कर आग पर काबू पाया है। सुरक्षा के लिहाज से गोदाम के दो मंजिला भवन को तोड़ दिया गया है। 

जूता फैक्ट्री में आग से लाखों का नुकसान हुआ है। किस्मत से आग पर में कोई जनहानि नहीं है। शहर के लश्कर स्थित दही मंडी में पंजाब फुट वियर फैक्ट्री गोदाम है। साथ ही यहां से फुट वियर सेल भी किए जाते है। यहां दो मंजिला गोदाम में दीपावली और सहालग को लेकर नया स्टॉक भरा हुआ था। रात करीब 3 से 4 बजे अचानक कोई पटाखा जलता हुआ गोदाम की जाली से अंदर गिरा और आग भड़क गई। आग लगने का पता उस समय चला, जब आग की लपटें जूता फैक्ट्री गोदाम से बाहर निकलने लगीं। जब लोगों ने आग देखी तो वहां दहशत फैल गई। तत्काल पुलिस और फायर ब्रिगेड को मामले की सूचना दी गई। सबसे पहले स्पॉट पर रात्रि गश्त पर निकले हजीरा थाने के प्रभारी आलोक सिंह परिहार मौके पर पहुंचे। 

उन्होंने पूरी सजगता के साथ स्थिति को संभाला और आसपास रहने वाले लोगों को अलर्ट करते हुए घरों से बाहर निकाला। इसी समय दमकल दस्ता मौके पर पहुंच गए। जूता फैक्ट्री गोदाम के मालिक राजेन्द्र जुनेजा भी स्पॉट पर पहुंच गए। दकमल दस्ते ने करीब 10 फायर ब्रिगेड पानी फेंककर आग पर काबू पाया है। इस दौरान उनको 4 घंटे से ज्यादा समय लग गया। आग में कोई जनहानि नहीं हुई है, लेकिन लाखों रुपए का माल जलकर राख हाे गया है। घटना की सूचना मिलते ही कई लोग वहां पहुंच गए। मध्य प्रदेश चेंबर ऑफ कॉमर्स के मानसेवी सचिव डॉ. प्रवीण अग्रवाल भी स्पॉट पर पहुंच गए।

  • जूता फैक्ट्री गोदाम में आग से आसपास दहशत फैल गई। गोदाम के पीछे रहने वाले भाजपा नेता लाला बाबू अग्रवाल के भाई गिर्राज अग्रवाल ने जान बचाने के लिए टीन शेड से कूदना चाहा। जिस पर वह नीचे गिरकर घायल हो गए। रात को ही काफी लोग घरांे से बाहर निकल आए थे। याद आया वो दर्दनाक हादसा
  • जिस समय दही मंडी में जूता फैक्ट्री गोदाम में आग लगी थी। आसपास दहशत फैल गई। क्योंकि एक साल पहले ही इसी इलाके की तंग गलियों में ऐसे ही एक फोम फैक्ट्री गोदाम में आग लगी थी। जिसमें तीसरी मंजिल पर फंसे बुजुर्ग दंपति जलकर राख हो गए थे। व्यापारी, उसकी पत्नी और दो बच्चों ने दो मंजिल से नीचे कूदकर अपनी जान बचाई थी। वो हादसे में आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड अंदर तक नहीं पहुंच पाई थी। बड़ी मुश्किल से आग पर काबू पाया गया था।
  • आग लगने की खबर मिलते ही दही मंडी की तंग गलियों में फायर ब्रिगेड को स्पॉट पर तक ले जाना भी अपने आप में चुनौती रही। तंग गलियों से अवरोध हटाते हुए दमकल दस्ता स्पॉट पर पहुंचा। इसके बाद आग पर आसानी से काबू पाया जा सका। दमकल अमले आग पर काबू पाने के लिए गोदाम जिस भवन मंे था उसे आगे से तोड़ दिया है। वैैसे भी आग लगने से मकान जर्जर हो चुका था और कोई हादसा होता उससे पहले ही उसे गिरा दिया गया।