सीमा प्रबन्धन से जुड़े विभिन्न विषयों पर…

BSF अकादमी टेकनपुर में तीन दिनों से चल रहा सीमा प्रबन्धन सेमिनार संपन्न

सीमा सुरक्षा बल अकादमी टेकनपुर, ग्वालियर में विगत तीन दिनों से चल रहे राष्ट्रीय स्तर के सीमा प्रबन्धन सेमिनार का आज समापन समारोह हुआ। जिसमें मुख्य अतिथि जितेन्दर सिंह ऑबेरॉय, विशिष्ट सेवा मेडल, महानिरीक्षक व संयुक्त निदेशक, सीमा सुरक्षा बल अकादमी ने देश के विभिन्न भू-भागों से हिस्सा लेने आये सीमा सुरक्षा बल, अन्य केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल तथा राष्ट्र के सीमावर्ती राज्यों के पुलिस बल के वरिष्ठ अधिकारियों को धन्यवाद ज्ञापन के साथ आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन तीन दिनों में वृहत चर्चा का सीमा- प्रबन्धन में सकारात्मक असर देखा जायेगा। 

इस सेमिनार में राष्ट्र के प्रसिद्ध वक्ता जिन्हें सीमा प्रबन्धन पर महारथ हासिल है ने अपने विचार प्रकट किए और सेमिनार के उद्देश्य को पूरा करने में सफल भूमिका निभाई। एस. के. सूद अपर महानिदेशक (सेवानिवृत), राम अवतार, महानिरीक्षक (सेवानिवृत), नरेन्द्र नाथ धर दुबे, उप महानिरीक्षक तथा जे. पी. मैथानी कमांडेंट ने विभिन्न विषयों पर गहन चर्चा किया I एम.पी. आई.डी.एस.ए. के दिग्गज विशेषज्ञ राजदूत सूजान आर चिनॉय, डॉ. अशोक बेहुरिया, डॉ. आदिल रशीद, एन.टी.आर.ओ. विंग कमाण्डर सदानन्द जखाड़े तथा तटीय सुरक्षा के विशेषज्ञ श्री टी. आशीष व असीम व्यास, उप महानिरीक्षक ने विषय-वस्तु पर अपने अमूल्य विचार प्रदान किये। 

सीमा सुरक्षा बल अकादमी के अधिकारीगण जैसे डॉ संदीप गुप्ता, मुख्य पशु चिकित्सक तथा श्री उत्कर्ष, उप महाप्रबन्धक ने सीमा प्रबन्धन से जुड़े बल-गुणक को अति प्रभावी तरीके से उजागर किया। सेमिनार में सीमा प्रबन्धन से जुड़े विभिन्न विषयों जैसे प्रबंधन के सर्वश्रेष्ठ प्रणालियों को अपनाना, क्षमता- निर्माण, सीमा पर रह रहे नागरिकों के मन में सुरक्षा की भावना पैदा करना व उन्हें सीमा प्रबन्धन में समेकित रूप से शामिल करना पर गहन चर्चा की गई। तकनीकि विकास को सीमा प्रबंधन में किस तरह सर्वश्रेष्ठ तरीके से शामिल किया जाए इस पर प्रकाश डाला गया।

ड्रोन जैसे मानवरहित विमान का इस्तेमाल व सीमा अवलोकन और सुरक्षा में इनके कारगर उपयोग पर ज्ञान वर्धक चर्चा की गई। बदलते परिवेश में मत- भिन्नता की समझ तथा देश के तटीय सुरक्षा से जुड़े विभिन्न आयामों पर चर्चा ने सेमीनार को नये स्तर पर पहुँचाया। विभिन्न विषयों पर चलाया गया यह सेमिनार सीमा प्रबन्धन के विभिन्न पहलुओं व संबंधित राष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दों को सही आयाम प्रदान किया है। उम्मीद की जाती है कि इस सेमिनार में किए गये विचार-मंथन का निष्कर्ष देश के सीमा प्रबन्धन को मजबूती प्रदान करेगा।