महिलाओं को सशक्त करने की दिशा में…

अब महिला स्व-सहायता समूह चलायेंगे पोषण आहार कारखाने : CM

ग्वालियर। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश में पोषण आहार बनाने का कारखाना अब कोई ठेकेदार नहीं बल्कि स्व-सहायता समूह की महिलायें चलायेंगीं। उससे होने वाला लाभ भी स्व-सहायता समूह की महिलाओं के खाते में जायेगा। इसके साथ ही महिलाओं को सशक्त करने की दिशा में सरकार हर संभव कार्य करेगी। स्व-सहायता समूह की महिलायें ही स्कूल के बच्चों के गणवेश सिलने का कार्य करेंगीं, राशन की दुकानें भी स्व-सहायता समूहों की महिलाओं के माध्यम से संचालित की जायेंगी। साथ ही उपार्जन का कार्य भी स्व-सहायता समूह की महिलाओं को दिया जाएगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शुक्रवार को शिवपुरी जिला मुख्यालय पर जन-कल्याण और सुराज अभियान के तहत आयोजित हुए महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस अवसर पर सिंगल क्लिक के जरिए प्रदेश के  20 हजार महिला स्व-सहायता समूहों को क्रेडिट लिंकेज के अन्तर्गत ढ़ाई सौ करोड़ रूपये की आर्थिक सहायता वितरित की। 

साथ ही सिंगल क्लिक के जरिए ही सहरिया, बैगा और भारिया जनजाति की 2 लाख 27 हजार 687 महिलाओं को 22 करोड़ 77 लाख रुपये का आहार भत्ता और बाढ़ पीड़ितों को 163 करोड़ 28 लाख रूपये राहत राशि के रूप में वितरित किये गए। उन्होंने इस अवसर पर शिवपुरी जिले के 80 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी सिंगल क्लिक से किया। इन कार्यों की  लागत 305 करोड़ रूपए है। दिल्ली से वर्चुअली रूप से केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी इस कार्यक्रम से जुड़े। शिवपुरी में आयोजित कार्यक्रम में शिवपुरी जिले के प्रभारी मंत्री एवं प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री महेन्द्र सिंह सिसौदिया, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया, लोक निर्माण राज्य मंत्री सुरेश रायखेड़ा एवं गुना-शिवपुरी संसदीय क्षेत्र के सांसद के.पी. यादव, विधायक वीरेन्द्र रघुवंशी व सीताराम आदिवासी, प्रदेश महामंत्री रणवीर रावत, जिला अध्यक्ष राजू बाथम, पूर्व विधायक सहित प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग उमाकांत उमराव, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के सीईओ एल एम वेलवाल, संभाग आयुक्त आशीष सक्सेना, आईजी अविनाश शर्मा, डीआईजी राजेश हिंगणकर, कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। 

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है कि मध्यप्रदेश में पोषण आहार तैयार करने के कारखाने अब कोई ठेकेदार नहीं चलायेगा बल्कि स्व-सहायता समूहों की महिलायें ही चलायेंगीं। हमने महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं को कारखानों का मालिक बना दिया है। पहले ये कारखाने एमपी एग्रो के माध्यम से ठेकेदार चलाते थे। इन कारखानों के माध्यम से 800 करोड़ रूपए प्रति वर्ष का कार्य किया जाता था। अब यह कार्य स्व-सहायता समूह की महिलाओं के माध्यम से होगा और उसका लाभ भी सीधे उनके खाते में पहुँचेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि बच्चों के लिए पोषण बनाने का कार्य माँ, बहनों से अच्छा कोई नहीं कर सकता है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से तय किया गया है कि अब प्रदेश में स्कूली बच्चों के गणवेश सिलाई का कार्य किसी ठेकेदार के माध्यम से नहीं बल्कि स्व-सहायता समूहों की महिलाओं के माध्यम से किया जाएगा। स्व-सहायता समूह की महिलायें ही स्वयं कपड़ा खरीदेंगीं और सिलाई करेंगीं। इसका पूरा लाभ उनके खाते में जाएगा। 

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने यह भी कहा कि प्रदेश में अब राशन की दुकानों का संचालन और समर्थन मूल्य पर खाद्यान्न खरीदने का कार्य भी स्व-सहायता समूह की महिलाओं को दिया जाएगा। शिवपुरी में आयोजित कार्यक्रम में वर्चुअली रूप से जुड़े केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मध्यप्रदेश के लिए आज का दिन बहुत ही ऐतिहासिक दिन है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महिला सशक्तिकरण के लिए स्व-सहायता समूह की महिलाओं को पोषण आहार तैयार करने के कारखाने का मालिक बनाकर आज चाबी सौंप दी है। केन्द्रीय मंत्री श्री सिंधिया ने कहा कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में जो कार्य मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में हुए हैं वह अनुकरणीय है। प्रदेश में संचालित अनेक योजनाओं को देश के अन्य राज्यों ने स्वीकार कर अपने यहाँ संचालित किया है। केन्द्रीय मंत्री श्री सिंधिया ने कहा कि कुपोषण मिटाने के लिये सहरिया महिलाओं के खाते में एक हजार रूपए प्रतिमाह की राशि डालने का अनुकरणीय कार्य प्रदेश में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के माध्यम से ही प्रदेश और देश प्रगति के मार्ग पर तेजी से चल सकता है।