आतंकियों का खूनी खेल जारी…

श्रीनगर, पुलवामा में आतंकियों ने की दो गैर कश्मीरी नागरिकों की हत्या

श्रीनगर। जम्मू कश्मीर में पिछले 9 दिनों में 9 बड़े एनकाउंटर हुए हैं। जिनमें सुरक्षाबलों ने 13 आतंकियों को ढेर कर दिया है लेकिन नुकसान दोतरफा हो रहा है। पुंछ इलाके में 11 अक्टूबर से जो एनकाउंटर चल रहा है। उसमें दो JCO समेत 9 जवान भी शहीद हो गए हैं। सुरक्षाबल चुन-चुन कर आतंकियों का सफाया कर रहे हैं, जिससे आतंकी परेशान हो गए हैं। बौखलाए आतंकियों ने अब गैर कश्मीरी नागरिकों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। शनिवार को बुजदिल आतंकियों ने दो नागरिकों की जान ले ली। 

सागिर अहमद सहारनपुर के रहने वाले थे, जिन्हें आतंकियों ने मौत के घाट उतार दिया। वहीं अरविंद कुमार बांका के रहने वाले थे जिन्हें आतंकियों ने गोली मार दी। दोनों ही परिवारों में अब मातम पसरा है, परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है। किसी को समझ नहीं आ रहा कि अब करें तो क्या करें और कहें तो क्या कहें? पुंछ और राजौरी में 11 अक्टूबर से आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन चल रहा है, इस ऑपरेशन में अब तक 9 जवान शहीद हुए हैं। 11 अक्टूबर को एक JCO समेत 5 जवान शहीद हुए थे। 

15 अक्टूबर को 2 रायफल मैन की शहादत हुई। इसके बाद शनिवार को एक JCO और एक जवान का शव मिला। 5 जवान डेरा गली और 4 बींबर गली में शहीद हुए हैं। LoC से सटे पुंछ के जंगलों में सुरक्षाबलों ने कुछ आतंकियों को घेरा भी है। बीते 9 दिनों से कश्मीर घाटी ऐसे ही गोलियों की गूंज से थर्रा रही है। दिन हो या रात एनकाउंटर हो रहे हैं, कहीं आतंकी मारे जा रहे हैं तो कहीं जवान शहीद हो रहे हैं। पंपोर में शनिवार के दिन सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच एनकाउंटर हुआ जिसमें दो आतंकियों को ढेर कर दिया गया।

एक ही दिन में, महज कुछ घंटों के भीतर, दो गैर-कश्मीरी नागरिकों की हत्या के बाद सियासत भी हो रही है। उमर अबदुल्ला और महबूबा मुफ्ती ने गैर-कश्मीरियों की मौत पर शोक तो जताया लेकिन लगे हाथ इसे सरकार और सुरक्षाबलों की नाकामी भी बताया। हालांकि सुरक्षाबलों का दावा है कि आतंकियों की पहचान हो चुकी है और उन्हें जल्द उनके अंजाम तक पहुंचा दिया जाएगा। रही बात राजनीति कि तो उससे फर्क नहीं पड़ता। सुरक्षाबलों का संदेश साफ और स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन और रफ्तार पकड़ेगी।