जिला प्रशासन ने की पहली बड़ी…

1500 किलो मिलावटी मावा और 700 किलो पनीर पकड़ा

जिला प्रशासन ने मिलावटी मावा को पकड़ने के लिए शुक्रवार को अब तक की पहली बड़ी कार्रवाई की। भिंड के सौंधा में बना मिलावटी मावा और मुरैना के जौरा में तैयार किया गया पनीर चोरी-छिपे ट्रेन के जरिए भोपाल भेजने की तैयारी थी। एसडीएम संजीव खेमरिया को शाम 4.30 बजे टिप मिली कि मिलावटी मावा को भोपाल भेजने के लिए व्यापारियों ने कुछ दलालों की मदद से फर्जी आईडी से बिल्टी कटवा ली है। माल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर पहुंच गया है। 

सूचना पर तुरंत ही तहसीलदार कुलदीप दुबे और फूड विभाग की टीम के अधिकारी पहुंचे। मौके पर 22 डलिया मावा और 8 डलिया पनीर मिला। कुल 1500 किलो मिलावटी मावा और 700 किलो पनीर को प्रशासन ने पहले जब्त किया। इसके बाद इसे यहां तक लाने वालों की तलाश शुरू हुई। उल्लेखनीय है कि दैनिक भास्कर ने 5 अक्टूबर के अंक में ‘शहर में अक्टूबर में 3 लाख किलो मावा आएगा’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर मिलावटी मावा के आने का संदेह जताया था, जिसके बाद जिला प्रशासन सक्रिय हुआ है। 

सूचना के आधार पर जीआरपी और आरपीएफ जवानों की मदद से रेलवे स्टेशन पर टिकटों की दलाली करने वाले शिवम सेंगर को प्लेटफॉर्म नंबर एक पर तहसीलदार कुलदीप दुबे ने पकड़ा। पूछताछ में पता चला कि शिवम सेंगर की आईडी से आधा माल बुक हुआ है। शेष माल सुरेंद्र माहोर नाम के व्यक्ति की आईडी से बुकिंग की गई है। सुरेंद्र माहोर को जबलपुर-निजामुद्दीन ट्रेन से दिल्ली से ग्वालियर आने के दौरान प्लेटफॉर्म नंबर 4 से पकड़ा गया। 

दोनों से सख्ती से पूछताछ हुई तो उन्होंने बताया कि यह पूरा माल शहर के मावा कारोबारी प्रदीप जैन, हरी राम बघेल, मनोज यादव ने इनके जरिए बुक करवाया। इनकी दुकानें गोले का मंदिर और मोर बाजार में हैं। अधिकारियों ने इनसे तीनों व्यापारियों को फोन लगवाए और मौके पर बुलाया, लेकिन तीनों ने बहाने बनाकर आने से इनकार कर दिया। इसके बाद माल को फूड विभाग ने अपनी कस्टडी में लेकर कोल्ड स्टोरेज में रखवाया है।