शरीर लहूलुहान हुआ तो पत्नी से कहा इसे नहलाकर फ्रॉक बदल दो…

पिता ने की 10 साल की बेटी की पीट पीटकर हत्या 

मुरैना। घर पहुंचने में लेट होने पर 10 साल की मासूम बेटी की पीट-पीटकर हत्या करने वाले मामले में पुलिस की जांच शुरू हो गई हैं। जांच में ऐसी-ऐसी बातें सामने आ रही हैं, जिसे सुनकर पुलिस अफसरों के भी रोंगटे खड़े और आंखे गीली होने लगी हैं। निर्दयी बाप करीब 20 मिनट तक बेटी को लगातार डंडे से पीटता रहा। शरीर से जगह-जगह खून निकलने के बाद मासूम बेसुध होकर जमीन पर गिरी तो, आरोपित ने पत्नी से कहा कि इसे जल्दी नहलाकर दूसरी फ्रॉक पहना दो। इसके बाद डरी हुई मां ने बेसुध पड़ी बेटी की फ्राक बदल दी, लेकिन तब तक उसके प्राण पखेरू उड़ चुके थे। गौरतलब है, कि उत्तम पुरा नईबस्ती बुद्घ विहार में रहने वाले 40 वर्षीय राकेश जाटव ने अपनी 10 साल की बेटी संजना की रविवार की देर रात पीट पीटकर हत्या कर दी थी। क्योंकि संजना खाना खाने के बाद अपने ताऊ जगदीश के घर की तरफ मोहल्ले के बच्चों के साथ खेलने चली गई थी और इस दौरान घर आने में उसे 9 बज गए। इसी बात पर शराब के नशे में धुत राकेश ने संजना को डंडों से इतना बुरी तरह पीटा कि उसका पूरा शरार नीला पड़ गया। 

राकेश जाटव इतना निर्दयी था, कि जब संजना को पीटना शुरू किया उससे पहले घर का मैन गेट बंद कर उसमें ताला लगा दिया और चाबी जेब में रख ली। इसके बाद डंडा उठाकर 10 साल की बालिका पर टूट पड़ा। इस दौरान संजना की मां मोनो उर्फ मोहनदेवी ने बेटी को बचाने का कई बार प्रयास किया, तो आरोपित राकेश ने उसकी भी पिटाई लगा दी। पिटाई से बेसुध होकर संजना जमीन पर गिर पड़ी तो नशे में धुत राकेश कमरे में जाकर खटिया पर सो गया। मां ने नब्ज टटोली तो संजना दम तोड़ चुकी थी। इसके बाद उसने मैन गेट का ताला खोला और अपने जेठ जगदीश को पूरी घटना जा बताई। घटना की दूसरे दिन आरोपित के परिजन इस बात पर किसी को कुछ बताने तैयार नहीं। आरोपित राकेश का बड़ा भाई जगदीश बस इतना कह रहा है कि कूलर से सिर टकराने के कारण संजना की मौत हो गई, उसे बस दो-तीन थप्पड़ मारे थे, ऐसे नहीं पीटा जैसे लोग बता रहे हैं। मासूम संजना की हत्या करने वाला राकेश के दो बेटे व तीन बेटियां हैं। आसपास के लोग बताते हैं कि आए दिन वह बिना कारण बच्चों व पत्नी को बुरी तरह पीटता था। उसकी इस हरकत से परेशान होकर बड़ा बेटा एक बहन को लेकर सूरत में मजदूरी करने चला गया है। अब घर पर एक बेटा व दो बेटियां हैं। 

जो बार-बार होने वाली मारपीट से इतने डरे हुए थे कि जब राकेश घर में होता था तब बच्चे पढ़ाई या खेलने के बहाने अपने ताऊ के घर चले जाते थे। सबसे छोटी बेटी संजना को राकेश ने पीटपीटकर मार डाला, वह अधिकांश समय अपने ताऊ के घर ही रहती थी। पत्नी ने जेल भिजवाया, छूटते ही करने लगा मारपीट: पेशे से मकान बनाने की कारीगरी करने वाला राकेश जाटव बच्चों के साथ अपनी पत्नी मोहनदेवी को भी जानवरों की तरह पीटता था। मोहनदेवी से खाने में नमक भी ज्यादा हो जाता या खाने की थाली के साथ पानी नहीं दे पाती तो इसी बात पर उसे गर्म चिमटे से दागने से लेकर डंडे से पीटना शुरू कर देता था। गर्म चिमटे से मोहनदेवी को राकेश ने इतनी बार जलाया कि उसके शरीर पर जलने के निशान हैं। इनसे परेशान होकर करीब सवा महीने पहले मोहनदेवी ने स्टेशन रोड थाने में आकर पति राकेश के खिलाफ आवेदन दिया था। चूंकि पति-पत्नी का मामला था इसीलिए पुलिस ने राकेश को सुधारने की मंशा के साथ 151 का केस बनाकर जेल भेज दिया। करीब एक महीने जेल में रहा राकेश 12 दिन पहले ही छूटकर आया और उसके बाद फिर पत्नी व बच्चों से मारपीट करने लगा। 

अब तक हुई जांच में यही सामने आया है, कि राकेश जाटव आए दिन बच्चों व पत्नी को बुरी तरह मारता था। पत्नी की शिकायत पर उसे 151 में जेल भेजा जहां से 12 दिन पहले ही छूटा है। 10 साल की बेटी संजना को बुरी तरह पीटने के लिए घर के दरवाजे पर ताला लगा दिया, जिससे कोई बचाने नहीं आ पाए। बाद पत्नी से कहा कि इसे नहलाकर इसके कपड़े बदल दो - आशीष राजपूत, टीआई, स्टेशन रोड