नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के साथ अपात्रों के नाम हटाए जाएंगे…

MP में 1 नवंबर से चलेगा मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम

भोपाल। प्रदेश में एक नवंबर से मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम चलेगा। इसमें नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के साथ अपात्रों के नाम हटाए जाएंगे। इस काम को बूथ लेवल आफिसर (बीएलओ) अंजाम देंगे। इसके लिए प्रशिक्षण प्रारंभ हो गया है। इसे देखते हुए तय किया गया है कि अब इनके तबादले नहीं होंगे। वहीं, एक नवंबर से कलेक्टर, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), तहसीलदार, नायब तहसीलदार के तबादले करने के लिए भी निर्वाचन आयोग की अनुमति लेनी होगी। 

दरअसल, मतदाता सूची के काम में इन सबकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। जनवरी 2022 के पहले सप्ताह में निर्वाचन आयोग मतदाता सूची का प्रकाशन करेगा। इसके लिए एक नवंबर को मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन किया जाएगा। सूची में नाम शामिल कराने, मृत व्यक्तियों और दो जगह की मतदाता सूची में दर्ज मतदाताओं के नाम हटाए जाएंगे। इसके लिए बूथ लेवल आफिसर घर-घर जाकर मतदाता का सत्यापन करेंगे। 

इस दौरान सूची में शामिल किए जाने वाले नए मतदाताओं की जानकारी भी एकत्र की जाएगी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि बूथ लेवल आफिसर को 30 सितंबर के पहले प्रशिक्षण दिलाया जाए और प्रतिवेदन भी भेजा जाए। अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी राजेश कुमार कौल ने बताया कि मतदाता सूची के काम में बूथ लेवल आफिसर की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए अब इनका तबादला विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान नहीं होगा। 

इसके साथ ही जो अधिकारी प्रत्यक्ष तौर पर इस कार्य से जुड़े होते हैं, उनका भी तबादला करने से पहले नियमानुसार निर्वाचन आयोग की अनुमति लेनी होगी। मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने के लिए दावे-आपत्ति आमंत्रित किए जाएंगे। इनका निराकरण करने के बाद ही मतदाता सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा। प्रदेश के 65 हजार से ज्यादा बूथ लेवल आफिसर हैं। इसमें 90 फीसद से ज्यादा शिक्षक हैं। इसके अलावा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी बूथ लेवल आफिसर बनाया गया है।