1.35 लाख फर्जी आयुष्मान कार्ड हुए निरस्त…

कोरोना मरीजों से ज्यादा पैसा वसूलने वालों पर होगा एक्शन

भोपाल। मध्य प्रदेश में 3 साल में ढाई करोड़ लोगों के आयुष्मान कार्ड बने हैं। उसमें से 1 लाख 35 हजार फर्जी हैं। स्वास्थ्य मंत्री प्रभु राम चौधरी ने खुद ये बताया है। कुछ प्राइवेट अस्पतालों ने आयुष्मान कार्ड के जरिए कोरोना का इलाज नहीं किया था। उन अस्पतालों के खिलाफ भी चौधरी ने कार्रवाई करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार कोरोना पीड़ितों की हर संभव मदद कर रही है। प्रदेश में पिछले तीन सालों में 1 लाख 35 हजार फर्जी आयुष्मान कार्ड बने हैं। काफी समय से इनमें फर्जीवाड़े की शिकायतें मिल रही थीं। 

लेकिन सरकार और प्रशासन उस वक्त ये मान नहीं रहे थे। अब खुद स्वास्थ्य मंत्री प्रभु राम चौधरी ने इस बात को कबूल किया है। उन्होंने बताया कि जांच में ये बात साबित हो गई है कि 3 सालों में 1 लाख 35 हजार कार्ड फर्जी बने हैं। तीन साल पहले ही राज्य में आयुष्मान योजना शुरु हुई थी। 23 सितंबर 2018 को इस योजना की शुरुआत मध्यप्रदेश में हुई थी। 20 सितंबर 2021 तक मध्य प्रदेश में 2 करोड़ 54 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं। मध्यप्रदेश में आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत प्रदेश में चार करोड़ 70 लाख लोगों को योजना में शामिल करने का लक्ष्य है। 

स्वास्थ्य मंत्री प्रभु राम चौधरी ने बताया कि आने वाले सालों में यह टारगेट भी पूरा कर लिया जाएगा। जिन 1लाख 35 हजार लोगों के फर्जी कार्ड बने हैं उन्हें निरस्त किया जा रहा है। ज्यादा पैसा वसूलने वाले अस्पतालों पर होगी कार्रवाई। कुछ प्राइवेट अस्पतालों ने आयुष्मान कार्ड के जरिए कोरोना का इलाज नहीं किया था। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ऐसे अस्पतालों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। जिन लोगों से अस्पतालों ने ज्यादा पैसा वसूला है, उन लोगों को पैसा वापस दिलवाया है।