मीडिया की नजर में इस बन्दे में कोई और खासियत नहीं…

जाति के सामने योग्यता का कोई मोल नहीं !

चरणजीत सिंह चन्नी ये नाम आज खूब सुर्खियों में है। मीडिया केवल इस बात पर जोर दे रहा है कि ये पंजाब का पहला दलित मुख्यमंत्री है। क्या इसके अलावा मीडिया की नजर में इस बन्दे में कोई और खासियत नही है। चलो फिर मैं बताता हूं इस दलित की खासियत। राजनीतिक तोर पर चरणजीत सिंह DAV कॉलेज में स्टूडेंट यूनियन का प्रधान रहा। फिर 3 बार MC बना। 3 बार विधायक बना जिसमे एक बार निर्दलीय चुनाव जीता। 

एक बार पंजाब सरकार में तकनीकी मंत्री भी रहा। चन्नी पंजाब यूनिवर्सिटी से LLB पास है। इसके बाद इन्होंने MBA किया और अब ये पंजाब यूनिवर्सिटी से PHD कर रहे है तो शिक्षा के क्षेत्र में भी ये पीछे नही है। एक पढ़े लिखे इंसान है। यूनिवर्सिटी की बास्केटबॉल का खिलाड़ी रहा है चरणजीत सिंह । इंटर यूनिवर्सिटी मुकाबले में ये तीन बार गोल्ड मेडलिस्ट है। इन विषयों पर बात न कर के गुलाम मानसिकता व जातिवादी सोच के लोग केवल इनकी जाति की बात कर रहे है। 

पंजाब में अनुसूचित  समाज की ताकत व जागरूकता ने कांग्रेस को मजबूर किया कि वो इस समाज के एक नेता को मुख्यमंत्री बनाये। और फिर उसे आने वाले समय में चुनाव भी तो लड़ना है तो उसका इस समाज का वोट कहीं खिसक ना जाए यही सोचकर कांग्रेस ने एक दलित को मुख्यमंत्री बनाया है। कांग्रेस अपना काम कर रही है तुम अपने आप को मजबूत करने का काम करो।