केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने 100 दिन के लिए निर्धारित किए लक्ष्य…

विमानन क्षेत्र को नई ऊंचाइओं तक ले जाने का है लक्ष्य : सिंधिया

दिल्ली। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दिल्ली में गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि विमानन क्षेत्र को वृद्धि की ऊँचाइओं तक लेकर जाने के लिए 100 दिन के लिए नीतिगत व अद्योसंरचना और रिफार्म के स्तरों पर कुल 16 लक्ष्यों रखे गए हैं। अधोसंरचना के विकास के विषय में 5 मुद्दे रखे गए हैं। इनमें 2 नए हवाईअड्डों का निर्माण जिसमें कुशीनगर हवाईअड्डे का निर्माण कार्य पूरा हो गया है और जेवर का निर्माण कार्य आरम्भ हो रहा है और 2 हवाईअड्डों के विस्तार का लक्ष्य रखा गया है। इसमें अगरतला और देहरादून हवाईअड्डों में नयी टर्मिनल बिल्डिंग का निर्माण होगा।

नीतिगत स्तर पर रखे गए टारगेट -

  • एक क्रांतिकरी ड्रोन पालिसी जिसे प्रधानमंत्री  जी के दूरदर्शता के आधार पर लाया गया।
  • उड़ान योजना के तहत इन 5 क्षेत्रों में नए हवाईअड्डों का निर्माण - गुजरात में केशोड़, झारखण्ड में देओघर, महाराष्ट्र में गोंदिया, महाराष्ट्र में सिंधुदुर्ग और कुशीनगर, उत्तर प्रदेश , साथ ही 6 नए हेलीपोर्ट और 50 नए ष्ठ्रहृ रुट को संचालित करना, जिसमें से 30 रूट अक्टूबर 2021 तक संचालित होंगे।    
  • केपटाउन कन्वेंशन विधेयक को लाया जायेगा, जिससे लीजिंग कंपनियों को एक गारंटी दी जा सके - उस पर एक मसौदा बनाने की कोशिश करेंगे।  
  • लीजिंग कंपनियां भारत में स्थापित करना। जीआईएफटी सिटी, गुजरात  में 5 कम्पनियाँ रजिस्टर हो गयी हैं जिसमें हाल ही में हमारी एक कंपनी ने पहला विमान लीज कराया।
  • प्रदेश सरकारों के साथ मिलकर क्षेत्र को बढ़ावा देना, जिसमें 2 एहम मुद्दों पर इस प्रक्रिया की शुरुवात हुई है - पहला, हवाईअड्डों के लिए भूमि आवंटन करने के लिए 29 राज्यों को हमने पत्र लिखे हैं।  दूसरा मुद्दा है  एयर टरबाइन फ्यूल पर प्रत्येक राज्य वेट लगाते है, उन्हें कम करना ताकि नागर विमानन क्षेत्र को आगे बढ़ाया जा सके।
  • राष्ट्रीय उड़ान अकादमी ढ्ढत्रक्र्र का विस्तारीकरण - महामारी के बावजूद भी हमने 2020 -21 मे  पिछले वर्ष की तुलना में 93त्न पायलट लाइसेंस जारी किये।      
  • एमआरओ क्षेत्र के लिए नई नीति।
  • नागर विमानन क्षेत्र को वापस पटरी पर लेकर आना।