शिवराज का दिल्ली में सॉलिसिटर जनरल के साथ मंथन…

प्रदेश में OBC आरक्षण के लिए कोशिश तेज !

मध्यप्रदेश में ओबीसी को 27% आरक्षण दिलाने के लिए राज्य सरकार ने कोशिश तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार देर शाम सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के साथ कोर्ट में चल रहे मामले को लेकर मंथन किया। इस दौरान एमपी के एडवोकेट जनरल जनरल पुुरुषेंद्र कौरव भी मौजूद रहे। इससे पहले सोमवार दोपहर बाद राज्य सरकार ने 27% आरक्षण को लेकर सभी स्थगन आदेश हटाने हाईकोर्ट में अंतरिम आवेदन दायर किया। मामले में अगली सुनवाई 1 सितंबर को होनी है। सरकार चाहती है, 1 सिंतबर को मामले में अंतिम सुनवाई हो। इन सभी पहलुओं को लेकर शिवराज ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता पर चर्चा की। 

विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस ने OBC आरक्षण का मुद्दा उठाने के बाद 12 अगस्त को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में बैठक हुई थी। इसमें तय किया गया था कि हाईकोर्ट में राज्य सरकार का पक्ष रखने के लिए पूर्व कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील तुषार मेहता को बुलाएंगे। 1 सितंबर को होने वाली सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से प्रकरण की अंतिम सुनवाई कर फैसला करने का आवेदन दिया जाएगा। 2019 में तत्कालीन कमलनाथ सरकार पिछड़ा वर्ग को 27% आरक्षण देने का विधेयक लेकर आई थी, लेकिन फैसले पर तत्काल ही हाईकोर्ट ने स्टे लगा दिया था। इसके बाद प्रदेश में ओबीसी को 14% आरक्षण ही दिया जा रहा है। हाल में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने ओबीसी को 27% आरक्षण ना मिल पाने के लिए मौजूदा शिवराज सरकार को घेरा था। 

कांग्रेस की ओर से आरोप लगाया गया कि सरकार आरक्षण पर कोर्ट में ठीक तरह से पक्ष नहीं रख रही। इसी का काउंटर करने के लिए बीजेपी एक्टिव हुई। अब बीजेपी की ओर से ये आरोप लगाया जा रहा है, कांग्रेस आरक्षण का विधेयक सिर्फ वोट बैंक के लिए लेकर आई थी। खुद सीएम शिवराज ने मंगलवार को कहा था, कमलनाथ सरकार ने कोर्ट में समय पर जवाब पेश नहीं किया था, इसलिए उस पर कोर्ट ने स्टे लगा दिया था। बता दें, मंगलवार को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने OBC वर्ग को 27% आरक्षण देने के मामले को लेकर सुनवाई की। हाईकोर्ट ने OBC आरक्षण के संबंध में सरकार के आदेश पर रोक बरकरार रखी है। 1 सितंबर को मामले की अगली सुनवाई होगी।