अधिकारियों की लापरवाही से...

ग्वालियर चंबल संभाग में बने बाढ जैसे हालात : मिश्रा

ग्वालियर। ग्वालियर चंबल संभाग में मौसम अधिकारियों के अलर्ट के बाद भी प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर सिंचाई विभाग के अधिकारियों की घोर लापरवाही से ग्वालियर चंबल संभाग में बाढ जैसे हालात बने । भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा ने कहा है कि ग्वालियर के प्रभारी मंत्री और सिंचाई मंत्री को पत्र लिखकर ऐसे अधिकारियों के विरूद्ध कडी कार्रवाई करने की मांग की है। पूर्व मंत्री एवं पूर्व सांसद अनूप मिश्रा ने पत्रकारों से चर्चा करते हुये कहा कि मौसम विभाग ने ग्वालियर चंबल संभाग मेंं भारी वारिश की संभावना व्यक्त की थी। लेकिन ङ्क्षसचाई विभाग के अधिकारयों ने इस संभावना को नजर अंदाज किया और अपर ककैटो -ककैटो जैसे बांध भरने के बाद भी समय पर ना तो किसानों को पानी दिया और ना ही पानी को बिना लिफ्ट किये तिघरा बांध में डालने के प्रयास किये। 

उन्होंने कहा कि कई सालों से लगातार पानी को जमीन से लेने से वाटर लेबल काफी नीचे चला गया है। उन्होंने कहा कि यदि मणिखेडा का पानी हरसी बांध सहित ककैटो अपर ककैटो बांध के भरने से उनका पानी हिम्मत गढ पेहसारी बांध में समय पर डाल देते तो ग्वालियर-चंबल संभाग में बाढ की तबाही को रोका जा सकता था। उन्होंने कहा कि उत्तरी मध्यप्रदेश में १६ जून से वारिश होती है और अधिकारियों ने २ अगस्त को पानी छोडा। इतना ही नहीं हरसी के मिटटी के बांध से समय पर पानी छोडा जाता तो किसानों को पानी मिलता और वह अपनी धान की फसल को समय पर बोते जिससे उन्हें लाभ मिलता और ऐसी तबाही का मंजर भी नहीं देखने को मिलता। उन्होंने यह भी कहा कि तिघरा बांध जो अभी तक भरा नहीं गया है और अधिकारी पानी लिफ्ट करने की योजना बना रहे हैं उसे बिना लिफ्ट के ही तिघरा में लाया जा सकता था। 

अनूप मिश्रा ने कहा कि जब तिघरा बांध पूरा भर जाता तो ग्वलियर के लोगों को पीने के पानी के लिये परेशानी नहीं होती । उन्होने कहा कि चंबल से पानी लाना अच्छी योजना है लेकिन समय रहते बिना परेशानी के पानी को किसानों को देते और बिना लिफ्ट के पानी को तिघरा में डालते तो बांधों का पानी ओवर फ्लो होकर नहीं निकलता और ना ही आनन फानन में मणिखेडा बांध के गेट खोलते और सिंध नदी में तेज बहाव से पानी पहुंचता बौर ना ही पुल ढहते। उन्होंने कहा कि ग्वालियर क्षेत्र के भितरवार, डबरा, मोहना के हालात भी नहीं बिगडते । ना ही राष्ट्रीय राजमार्ग का यातायात बंद करना पडता। पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा ने सिचाई मंत्री एवं ग्वालियर के प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट को एक खुला पत्र लिखकर इस मामले में अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करके संबंधित अधिकारी के विरूद्ध कडी कार्रवाई करने की मांग की है।