सावन की पहली सवारी…

भक्तों को मनमहेश रूप में दर्शन देंगे महाकाल

उज्जैन। श्रावण मास में सोमवार को भगवान महाकाल की पहली सवारी निकलेगी। महाकाल चांदी की पालकी में मनमहेश रूप में सवार होकर भक्तों को दर्शन देने निकलेंगे। शाम चार बजे महाकाल मंदिर से सवारी शुरू होगी। प्रशासन द्वारा निर्धारित नए छोटे मार्ग से निकलकर अवंतिकानाथ की पालकी मोक्षदायिनी शिप्रा नदी के रामघाट पहुंचेगी। यहां पुजारी शिप्रा जल से भगवान का अभिषेक कर पूजा-अर्चना करेंगे। 

पूजन पश्चात सवारी शाम 6.30 बजे पुन: मंदिर पहुंचेगी। कोरोना संक्रमण के चलते सवारी में भक्तों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। किसी भी व्यक्ति को सवारी मार्ग पर आने की अनुमति नहीं रहेगी। भक्तों की सुविधा के लिए मंदिर समिति अपनी वेबसाइट, फेसबुक पेज आदि पर सवारी का लाइव प्रसारण करेगी। मंदिर प्रशासन ने श्रावण के पहले सोमवार पर दर्शन व्यवस्था में भी बदलाव किया है। 

दर्शनार्थियों को केवल अग्रिम बुकिंग के आधार पर सुबह छह से 11 तथा शाम सात से नौ बजे तक दर्शन कराए जाएंगे। सोमवार को 250 रुपये के शीघ्र दर्शन टिकट की सुविधा बंद रहेगी। रविवार को श्रावण मास के पहले दिन करीब 20 हजार श्रद्धालुओं ने भगवान महाकाल के दर्शन किए। सुबह से जारी बारिश के बावजूद आस्था नहीं डिगी और बड़ी संख्या में भक्त भगवान के दर्शन करने पहुंचे।