मौसम विभाग के मुताबिक…

अगले 24 घंटों में कई राज्यों में भारी बारिश के आसार

दिल्ली में मॉनसून भले ही देरी से पहुंचा हो, लेकिन बादलों ने बारिश में कोई कमी नहीं रहने दी है। मंगलवार से शुरु हुई बारिश बुधवार को भी जारी है। आलम ये है कि बारिश ने कुछ ही दिनों सबसे ज्यादा बारिश का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। राजधानी में अब तक 381 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो 2003 के बाद से जुलाई के लिए सबसे अधिक है। मौसम विभाग के मुताबिक मंगलवार की सुबह केवल 3 घंटों में दिल्ली में 100 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो 8 साल में जुलाई महीने में 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश है। उधर लगातार हो रही बारिश में दिल्ली के लोगों की जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई इलाकों में जल जमाव हो गया है और ट्रैफिक जाम में लोगों को घंटों फंसना पड़ रहा है। देश के बाकी हिस्सों में भी मॉनसून का असर दिख रहा है। 

मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटों बिहार, यूपी, पश्चिम बंगाल सहित 11 राज्यों में जोरदार बारिश हो सकती है। दरअसल, बंगाल की उत्तरी खाड़ी और गंगीय पश्चिम बंगाल के आसपास के हिस्सों पर गहरा कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। यह गहरा निम्न दबाव का क्षेत्र झारखंड और दक्षिण बिहार से गुजरते हुए पश्चिम उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा। उत्तर प्रदेश के मध्य भागों पर भी एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। इसके साथ ही पंजाब के आसपास के हिस्सों पर भी एक और चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। इन सबकी वजह से इससे प्रभावित इलाकों में जोरदार बारिश हो सकती है। अगले 24 घंटों में पूर्वी राजस्थान, पूर्वी गुजरात के कुछ हिस्सों, कर्नाटक, केरल, विदर्भ, सिक्किम, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। 

पश्चिम बंगाल, झारखंड के कुछ हिस्सों, दक्षिण बिहार, पंजाब के कुछ हिस्सों, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, ओडिशा के कुछ हिस्सों, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और कोंकण और गोवा के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। राजस्थान के पश्चिमी भाग, सौराष्ट्र और कच्छ, पश्चिमी मध्य प्रदेश, मराठवाड़ा के कुछ हिस्सों, आंतरिक कर्नाटक, मध्य महाराष्ट्र, तमिलनाडु और लक्षद्वीप में भी हल्की बारिश संभव है। वैसे इस बारिश से किसानों को फायदा होने की उम्मीद है। देश में करीब 70 फीसदी किसान सिंचाई के लिए बारिश पर ही निर्भर करते हैं। इस साल कई इलाकों में बारिश में देरी की वजह से खरीफ फसलों की बुवाई में देरी हुई है। ऐसे में देर से ही सही, इस बारिश से फसलों की बुवाई सही ढंग से हो पाएगी।