निगम के हेल्थ ऑफिसर के घर पर किया हमला…

लॉकडाउन के दौरान मुरैना में एकबार फिर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग

मुरैना। कोरोना संक्रमण की वजह से मुरैना में लॉकडाउन है। इसके बावजूद गुंडों के हौसले बुलंद हैं। पाबंदियों के बावजूद पुलिस को चुनौती दे रहे हैं। ताजा मामला शुक्रवार का है। यहां के स्टेशन रोड नेकसिया वाली गली उत्तमपुरा क्षेत्र में रंजिश के चलते वाल्मीकि समाज के कुछ लोगों ने नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी जगदीश टैगोर पर हमला कर दिया। गुंडों ने दिनदहाड़े जगदीश के घर पर पत्थर फेंके। यही नहीं, जमकर कट्टे और बंदूकों से फायरिंग भी की। पुलिस ने मामले में चार लोगों को पकड़ा है। आधे घंटे तक इलाके में दहशत फैली रही। मोहल्ले में किसी ने इसका वीडियो बना लिया। बता दें कि पांच दिनों पहले गुर्जर समाज के करीब दो दर्जन लोगों ने बाइक पर सवार होकर बाजार में फायरिंग कर दहशत फैलाई थी। इसमें एक महिला घायल हुई थी। 

लाॅकडाउन की वजह से उत्तमपुरा में सुबह लोग घरों में ही थे। दोपहर करीब 2 बजे 15 से 20 हमलावर नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी जगदीश टैगोर के दरवाजे पर पहुंच गए। हमलावरों ने परिवार के लोगों को गालियां देना शुरू कर दिया। उन्होंने दरवाजों पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिए। इसके बाद ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। सभी के हाथों में कट्टे व हथियार थे। करीब आधा घंटे तक हमलावरों ने जमकर फायरिंग की। इस हमले का किसी ने वीडियो बना लिया। बाद में वह वीडियो पुलिस को सौंप दिया। फरियादी अशोक उर्फ बूटा जाटव पुत्र भगरीदास जाटव थाने में शिकायत दर्ज कराई। रिपोर्ट में बताया कि उनके बगल में रहने वाले मुन्नालाल वाल्मीकि के परिवार से पुराना विवाद चल रहा है। कल शुक्रवार को राज भंगड़ और वाल्मीकि समाज के लोगों का झगड़ा हुआ था। 

इसकी रिपोर्ट समाज के लोगों ने राज भंगड़ के खिलाफ की थी। उसी बात को लेकर शुक्रवार दोपहर 2 बजे धीरू वाल्मीकि, मनोज वाल्मीक, बड़े वाल्मीक और मनीष वाल्मीक कट्टे और लाठियों से लैस होकर आए और फायरिंग की। इस घटना के घटे भर बाद पुलिस घटना स्थल पर पहुंची। पुलिस ने घटना के मुख्य 4 आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। इसके अलावा घटना में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। उत्तमपुरा में लॉकडाउन के दौरान हुई फायरिंग की इस घटना से लोगों में दहशत हैं। लॉकडाउन में जहां घर से बाहर निकलने की साफ मनाही हैं। वहां सरेआम गोलीबारी की जा रही है। इस गोलीबारी के बाद से लोगों का पुलिस प्रशासन पर से भरोसा उठता जा रहा है।