कलेक्टर ने प्रभारी अधिकारियों की बैठक में दिए निर्देश…

ग्रामीण क्षेत्र में भी किल कोरोना अभियान के तहत हों प्रभावी गतिविधियाँ : श्री सिंह

ग्वालियर। कोविड-19 का संक्रमण ग्रामीण क्षेत्र में न फैले, इसके लिये किल कोरोना अभियान को प्रभारी रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में क्रियान्वित किया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में जन जागरूकता के साथ-साथ डोर टू डोर सर्वेक्षण का कार्य भी पूरी गति के साथ किया जाए। सर्वेक्षण के दौरान जो लोग भी प्रभावित पाए जाते हैं उन्हें संस्थागत क्वारंटाइन कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में कोविड-19 के लिये बनाए गए प्रभारी अधिकारियों की बैठक में यह निर्देश दिए हैं। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने कहा है कि शहरी क्षेत्र के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र में भी संक्रमण की चैन को तोड़ने की जवाबदारी पूरी शिद्दत के साथ निभानी होगी। बैठक में नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा, सीईओ जिला पंचायत किशोर कान्याल, सीईओ स्मार्ट सिटी जयति सिंह, एडीएम रिंकेश वैश्य, एडिशनल एसपी सतेन्द्र सिंह, एसडीएम प्रदीप तोमर सहित विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारी उपस्थित थे। 

कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने बैठक में निर्देश दिए हैं कि जिन ग्रामीण क्षेत्रों में भी कोरोना के मरीज निकले हैं वहाँ पर पूरे गाँव में आने-जाने पर प्रतिबंध लगाया जाए। जितनी भी आवश्यकता है उतनी बैरीकेटिंग कराकर गाँव में आवागमन कम से कम 10 दिन के लिये रोका जाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया है कि सभी ब्लॉक डबरा, भितरवार, मोहना एवं मुरार में भी ग्रामीण क्षेत्र के कोरोना प्रभावित लोगों को संस्थागत क्वारंटाइन कराने के लिये केन्द्र निर्धारित कर सभी व्यवस्थायें समय रहते पूर्ण की जाएं। इसके साथ ही डबरा, भितरवार एवं मोहना में 100 – 100 बिस्तर के अस्पताल भी चिन्हित कर सभी व्यवस्थायें जिसमें ऑक्सीजन, चिकित्सक एवं अन्य व्यवस्थायें पूर्ण हों, तत्काल कर ली जाएँ। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि बाहर से आने-जाने वाले व्यक्तियों और वाहनों की सभी चैकिंग प्वॉइंट पर चैकिंग की जाए। कोई भी व्यक्ति प्रभावित पाया जाता है तो उसे संस्थागत क्वारंटाइन कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अनावश्यक घूमने वालो के विरूद्ध भी दण्डात्मक कार्रवाई की जाए। 

बैठक में यह भी तय किया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वेक्षण के दौरान जो लोग कोरोना से आंशिक पीड़ित पाए जाते हैं उन्हें दवा की किट अनिवार्यत: उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि ग्रामीण क्षेत्र में भी कोरोना संक्रमितों को दी जाने वाली दवा का पर्याप्त भण्डारण हर गाँव में हो, यह सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने शहरी क्षेत्र की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए हैं कि जनता कर्फ्यू के दौरान जो प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए गए हैं उसका पालन कड़ाई से किया जाए। शहर में अभी भी लोग निकल रहे हैं। अनावश्यक रूप से शहर में घूमने वालों के विरूद्ध जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन कार्रवाई करे। इसके साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने वालों और बिना मास्क के कोई भी घूमता पाया जाए तो उसके खिलाफ चालान की कार्रवाई अवश्य की जाए। कलेक्टर ने अन्य प्रभारी अधिकारियों को भी निर्देशित किया है कि कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम के लिये जो जवाबदारी सौंपी है उसका निष्ठापूर्वक निर्वहन करें। 

इस महामारी के दौर में सभी अधिकारी अपने-अपने दायित्वों का अच्छे से निर्वहन करें तभी संक्रमण की चैन को तोड़ा जा सकेगा। बैठक में सभी प्रभारी अधिकारियों ने अपने-अपने कामों के संबंध में की जा रही गतिविधि की विस्तार से जानकारी दी। नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा ने शहरी क्षेत्र में नगर निगम द्वारा कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिये किए जा रहे कार्यों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शहर के सभी वार्डों में सेनेटाइजेशन का कार्य तेजी से किया जा रहा है। इसके साथ ही शहर की दोनों दीनदयाल रसोई केन्द्र के माध्यम से जरूरतमंदों को भोजन मुहैया कराया जा रहा है। सीईओ जिला पंचायत किशोर कान्याल ने भी ग्रामीण क्षेत्र में किल कोरोना अभियान के तहत किए जा रहे सर्वेक्षण के साथ-साथ कोरोना संक्रमण की चैन को तोड़ने के लिये किए जा रहे प्रयासों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। स्मार्ट सिटी सीईओ जयति सिंह ने कंट्रोल कमाण्ड सेंटर के माध्यम से की जा रही मॉनीटरिंग के संबंध में जानकारी दी।