भोपाल, इंदौर, उज्जैन व रतलाम में 26 अप्रैल तक सब बंद…

MP के 4 शहरों में बढ़ा LOCKDOWN !

भोपाल। मध्यप्रदेश में कोरोना की रफ्तार नहीं थम रही है। बड़े शहराें का हाल ज्यादा खराब है। इस बीच भोपाल, इंदौर, उज्जैन रतलाम शहर में लॉकडाउन बढ़ाकर 26 अप्रैल की सुबह 6 बजे तक कर दिया गया है। क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक में ये निर्णय लिया गया है। वहीं, कुंभ से राज्य में लौटने वालों को क्वारैंटाइन किया जाएगा। स्मार्ट सिटी बिल्डिंग में बैठक के बाद भाेपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया ने बताया, इस सप्ताह सख्ती ज्यादा रहेगी। 26 अप्रैल तक बेवजह घूमने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। केवल कोविड से जुड़े लोगों के लिए ही आवागमन में विशेष रियायतें मिलेंगी। केवल शहर से बाहर आने-जाने वालों को छूट दी जाएगी। आज रात इसकी विस्तृत गाइड लाइन जारी कर दी जाएगी। बता दें कि इंदौर में मंत्री तुलसी सिलावट कल रात को ही लॉकडाउन बढ़ाने की बात कह चुके हैं। 

इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि अस्पतालों में बेड की स्थिति को देखते हुए लॉकडाउन को सात दिन के लिए बढ़ाया जा रहा है। यह ठीक वैसा ही रहेगा जैसा पिछला सप्ताह बीता है। अतिरिक्त सख्ती नहीं की जाएगी।इस बीच उज्जैन में वैवाहिक सीजन को देखते हुए शादियों की खरीदी के लिए इस बार कुछ दुकानों को भी खोलने की अनुमति दी गई है। इसके तहत सुबह 8 से दोपहर 12 तक खरीदी के लिए दुकानें खुल सकेंगी। इसकी पुष्टि कलेक्टर आशीष सिंह ने की है। महाकाल मंदिर के एक पुरोहित व एक सहायक पुजारी के खिलाफ धारा 188 के तहत महाकाल थाने में मामला दर्ज किया गया है। इसके साथ ही मंदिर प्रशासन ने भी नोटिस जारी किया गया है। दोनों पंडित घर में सदस्य के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद भी मंदिर आ रहे थे। शिकायत भी कुछ पुजारियों के माध्यम से ही सामने आई थी। 

मंदिर प्रशासन ने शनिवार को फुटेज देखने के बाद कार्रवाई की। यहां 24 घंटे में 1,656 नए केस आए, जबकि 7 लोगों की जान गई। एक्टिव केस 10 हजार से ज्यादा हैं। यहां अब तक कुल 87,625 संक्रमित मिल चुके हैं और 1,040 लोगों की मौत हुई है। यहां लॉकडाउन 26 अप्रैल की सुबह 6 बजे तक लॉकडाउन बढ़ाया गया है। जिले की क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी की बैठक में इस पर चर्चा हुई। कमेटी के सदस्यों के मुताबिक जनता की तरफ से लॉकडाउन बढ़ाने का फीडबैक आया था। भोपाल में लगातार दूसरे दिन इंदौर के मुकाबले ज्यादा मरीज सामने आए। 24 घंटे के अंदर 1,669 नए केस आए और 6 लोगों की मौत हुई। हालांकि श्मशान घाटों पर 118 शव पहुंचे थे, जिनका कोरोना प्रोटोकॉल से अंतिम संस्कार किया गया। कोरोना की दूसरी लहर से भोपाल में हालात ज्यादा खराब हैं। 

सरकारी आंकड़ों में सिंतबर की तुलना में यहां मौतें कम दर्ज हैं, लेकिन संक्रमण की रफ्तार पहली लहर की तुलना में 6 गुना ज्यादा है। सितंबर के 15 दिनों में भोपाल में 2,788 संक्रमित मिले थे, लेकिन अप्रैल में अब तक 14,413 पॉजिटिव मिल चुके हैं। ग्वालियर में 24 घंटे में 4,126 लोगों के सैंपल की रिपोर्ट आई है, इनमें से 1,029 संक्रमित निकले हैं। यह आंकड़ा अब तक का सबसे बड़ा है। 5 संक्रमितों की मौत हुई है। इसमें से 2 की उम्र 25 से 30 साल थी। ग्वालियर में एक्टिव केस बढ़कर 5,130 हो गए हैं। शुक्रवार को 60 से ज्यादा जगहों पर माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाए गए। अब तक कुल 25 हजार संक्रमित मिल चुकेे हैं। लगातार बिगड़ती स्थिति को देखते हुए कलेक्टर ने शाम को दूध, सब्जी लेने के लिए निकलने की छूट भी खत्म कर दी। सुबह भी 10 बजे तक की छूट को घटाकर 9 बजे तक कर दिया गया है।