कोरोना से निपटने की रणनीति व उपायों की समीक्षा…

दुकानदार के मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने पर सील्ड करें दुकान : श्री दुबे

ग्वालियर। कोरोना संक्रमण पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिये कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से पालन जरूरी है। इसलिये जिन दुकानों एवं प्रतिष्ठानों पर कोरोना गाइडलाइन का पालन न हो उन्हें सील्ड करें। साथ ही बार-बार आगाह करने के बाद भी जो दुकानदार मास्क न लगाएँ, दो गज दूरी के नियम का पालन न कराएँ और सेनेटाइजर न रखें, उनके खिलाफ पुलिस में प्राथमिकी भी दर्ज कराई जाए। इस आशय के निर्देश ग्वालियर जिले के प्रभारी सचिव एवं प्रमुख सचिव ऊर्जा  संजय दुबे ने दिए।  दुबे ग्वालियर जिले में कोरोना की रोकथाम एवं कोरोना टीकाकरण की समीक्षा कर रहे थे। 

ज्ञात हो राज्य शासन ने प्रमुख सचिव  दुबे को ग्वालियर जिले में कोरोना की रोकथाम संबंधी उपायों की मॉनीटरिंग के लिये प्रभारी सचिव की जिम्मेदारी सौंपी है।  सोमवार को यहाँ मोतीमहल स्थित मानसभागार में आयोजित हुई बैठक में प्रमुख सचिव  दुबे ने कहा कि शहर के सभी बाजारों के दुकानदारों को स्पष्ट संदेश पहुँचा दें कि उन्हीं दुकानों व प्रतिष्ठानों को खोलने की अनुमति रहेगी, जिन दुकानों में कोरोना गाइडलाइन का पालन होगा। उन्होंने यह भी हिदायत दी कि सरकारी व निजी दफ्तरों में कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन सामने आए तो उनके कार्यालय प्रमुख के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। साथ ही जन मानस को भी अनिवार्यत: मास्क लगाने के लिये प्रेरित करें। 

जो लोग समझाने के बाबजूद मास्क का उपयोग नहीं कर रहे हैं उन पर जुर्माना लगाएँ। प्रमुख सचिव ने कहा कि प्रयास ऐसे हों जिससे जन मानस में संदेश पहुँचे कि आप सबके सहयोग से ही कोरोना की रोकथाम संभव है। आप सब सुरक्षित रहेंगे तभी कोरोना को हराया जा सकता है। समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव  संजय दुबे ने सरकारी व निजी अस्पतालों में कोरोना मरीजों के लिये कुल बैड, ऑक्सीजन सुविधा युक्त बैड व आईसीयू बैड उपलब्धता की जानकारी ली। साथ ही  लक्ष्य के अनुरूप हर दिन सेम्पल लेकर कोरोना की जाँच, अधिक संक्रमण वाले क्षेत्र व इन इलाकों में कोरोना संक्रमण बढ़ने के कारण, कोरोना से हुई मृत्यु की ऑडिट की भी समीक्षा की।

प्रमुख सचिव  संजय दुबे ने जोर देकर कहा कि इंसीडेंट कमाण्डर की टीम इस बात का पता लगाए कि होम आइसोलेशन में रह रहे कोरोना संक्रमितों के घर पर पर्याप्त जगह है कि नहीं। यदि जगह न हो तो उन्हें कोविड अस्पताल / केयर सेंटर में शिफ्ट कराएँ। उन्होंने कहा उन्हीं मरीजों को होम आइसोलेशन की अनुमति दी जाए, जिनके घर पर पर्याप्त जगह हो, जिससे घर के और सदस्य संक्रमण से बच सकें। श्री दुबे ने प्रभावी ढंग से माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाने की बात भी कही। साथ ही कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग पर बल देते हुए संबंधितों की कोरोना जाँच कराने के लिये कहा।