65 वर्षीय वृद्ध ने फांसी लगाकर दी जान...

मृतक के बेटे ने मंत्री पर लगाया जनता के हितैषी होने का ढोंग करने का आरोप

ग्वालियर। एक कैंसर पीड़ित ने कुछ समय पहले दीवार में कील से अपनी दवाइयों का टाइम टेबल टांगा था, लेकिन किसी को नही पता था कि इसी कील पर वह फांसी का फंदा कसकर अपनी जान दे देगा। 65 वर्षीय वृद्ध ने रविवार रात कील पर फांसी लगाकर जाने दे दी। वृद्ध अपने इलाज में मदद मांगने बीते एक महीने से ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह के घर और बंगला के चक्कर काट रहा था। पर मुलाकात नहीं हो सकी। वह बीमारी से ज्यादा इस बात से हताश था कि मंत्री पर उसके लिए 2 मिनट का समय नहीं है। 

घटना ग्वालियर के लवकुश नगर में रविवार रात की है। मृतक के बेटे ने ऊर्जा मंत्री पर जनता के हितैषी होने का ढोंग करने का आरोप लगाया है। ग्वालियर थाना क्षेत्र के लवकुश कॉलोनी निवासी 65 वर्षीय बलराम पुत्र कुंदी लाल शाक्य ने रविवार रात अपने कमरे में लोहे की कील से साफी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। घटना का पता उस समय चला जब परिजन उन्हें चाय देने पहुंचे तो वह फंदे पर लटके हुए थे। परिजन ने बलराम को नीचे उतारा, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। मामले की सूचना तुरंत ही पुलिस को दी गई। 

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के बाद मर्ग कायम कर लिया है। परिजनों ने बताया कि बलराम कैंसर से गंभीर रूप से बीमारी थे। बीमारी के कारण उनके शरीर में कीड़े पड़ने लगे थे और वह काफी समय से परेशान थे। गरीबी इस तरह हावी थी कि दो बच्चे उसे अस्पताल भी नहीं पहुंचा पा रहे थे। इसी से हताश होकर बलराम ने यह कदम उठाया है। अक्सर लोगों से रूबरू होने वाले और गरीबों की मदद के लिए हर समय तैयार रहने वाले ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह पर इस बार गंभीर आरोप लगे हैं। 

मृतक के छोटे बेटे विष्णु शाक्य ने मंत्री जी पर आरोप लगाया है कि एक महीने से पिता को लेकर ऊर्जा मंत्री से मिलने के लिए चक्कर लगा रहे थे। उनके घर और बंगला तक गए। कई बार सुरक्षा कर्मियों ने धुतकार दिया। हमने सोचा था कि ऊर्जामंत्री कुछ आर्थिक सहायता करा देंगे, जिससे उपचार में आसानी हो जाएगी। पर उनको मेरे पिताजी से मिलने का समय नहीं था मृतक के पुत्र का, उसका कहना है कि उसके पिताजी बीमारी से ज्यादा पिता ऊर्जा मंत्री के नहीं मिलने से हताश हो चुके थे।