पैसे ना देने पर बेटे ने की पिता की हत्या…

तालाब में मिले शव का SP श्री सांघी ने किया खुलासा

ग्वालियर। बेटे ने अपने दोस्त के साथ मिलकर रूपयों के लालच में अपने ही पिता की हत्या कर दी। बेटा बुरी संगत में पड़ने की वजह से कर्जे में फंसा हुआ था उसे मालूम था कि पिता ने अभी अभी जमीन बेंची है जिसका पैसा मिला है जब बेटे ने पिता से पैंसे मांगे तो पिता ने मना कर कर दिया। बेटे अपने दोस्त जिससे कर्जा उधार ले रखा था दोस्त ने भी कुछ ज्वेलरी रख कर पैसा दिया था उसने सोचा कि चलो मेरे पैसे भी मिल जायेंगे। बेटा और दोस्त रायरू के पास पेड़ आड़ छिप कर बैठ गये और जैसे पिता अपनी मोटरसाईकिल निकला तो दोस्त ने पीछे से कट्टे से फायर किया तो गोली बगल से निकल गयी, इसके बाद बेटे और दोस्त ने पिता की साफी से गला घोंटकर हत्या कर दी। अंतिम संस्कार की रस्में बेटे ने ही पूरी की। इसके बाद बेटा बिरला अस्पताल में भर्ती हो गया। 

यह जानकारी एसपी अमित सांघी ने पत्रकारवार्ता में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कही। पत्रकारवार्ता मं् एएसपी शहर मध्य पंकज पाण्डे तथा सीएसपी महाराजपुरा रवि भदौरिया में पुरानी छावनी टीआई सुधीर सिंह कुशवाह मौजूद रहें। अंधे कत्ल के प्रकरण विवचना के दौरान ज्ञात हुआ कि उक्त घटना में मृतक के पुत्र व उसके दोस्त की भूमिका संदिग्ध है उक्त सूचना पर से जब दोनो के संबंध मे जानकारी एकत्रित की गयी तो ज्ञात हुआ कि मृतक के पुत्र पर काफी कर्जा था तथा उसकी एक गांव के एक लड़के से अच्छी दोस्ती थी अपने दोस्त से भी मृतक के पुत्र ने काफी कर्जा लिया था। 

उक्त दोस्त मृतक से कर्जा के पैसे मांग रहा था। उक्त सूचना पर से मृतक के पुत्र के दोस्त से सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने स्वंय व मृतक के पुत्र के साथ मिलकर पूरी घटना अंजाम देना स्वीकार किया। दोस्त की निशादेही पर मृतक के पुत्र को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की गई। पुलिस पूछताछ में मृतक के पुत्र ने यह बताया कि उसके उपर काफी कर्जा हो गया था।जिसको चुकाने के लिये उसने अपने पिता से कई बार रूपयों की मांग भी की थी।पिता द्वारा रूपये देने से मना किया जाने पर उसने अपने मित्र के साथ मिलकर पिता की हत्या करने की योजना बनाई। 

26 फरवरी को जब राजेन्द्र खेत से वापस घर आ रहा था,तो मेरे मित्र द्वारा उन पर कट्टे से फायर किया जिससे वह बच गये फिर मैने उनके गले मे पड़ी साफी से उनकी गला घोट दिया व मेरे दोस्त ने कट्टे के बट से उनके सिर पर तब तक वार किया जबतक की वह मर नही गये। कपड़ो पर खून लगने से हम लोग रेल्वेक्रांसिग के पास नाले पर पहुंचे यहां हमने कट्टे व खून से सन ेकपडों को नाले में फेंक दिया तथा घर आकर पिता को खोजने का नाटक करने लगा व पिता का शव मिलने पर शंका ना हो इसलिये पिता की मृत्यु के आघात से बेहोश होने का नाटक कर अस्पताल में भर्ती हो गया। इसके बाद उसने शांतिपूर्ण तरह से उनका अतिंम संस्कार भी किया। पुलिस द्वारा आरोपिगणांे की निशांदेही पर खून से सने कपड़े व 315 बोर के कट्टे मय जिंदाराउण्ड को नाले से जप्त कर लिया गया है।