आत्म निर्भर भारत और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2021 पर आधारित सेमिनार में…

"सार्थक" एजु विजन एवम एक्सपो में जीवाजी विश्वविद्यालय ने की सहभागिता 

तीन दिवसीय सार्थक एजु विजन, नेशनल सेमिनार में जीवाजी विश्वविद्यालय ने सहभागिता की। यह कार्यक्रम का उद्देश्य आत्म निर्भर भारत और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2021 पर आधारित था। कार्यक्रम का आयोजन प्रशासनिक अकादमी, भोपाल में राष्ट्रीय शिक्षण मंडल, राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, भोपाल एवम मध्य प्रदेश शासन, भोपाल के द्वारा सयुंक्त रूप से आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय सड़क एवम परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, उच्च शिक्षा मंत्री डॉ मोहन यादव, तकनीकी शिक्षा मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया, स्कूल शिक्षा मंत्री इन्द्र कुमार परमार, संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर,  एआई सी टी ई के चेयरमैन डा अनिल सहस्त्रबुद्धे, यू जी सी के चेयरमैन डॉ डी पी सिंह, डॉ सच्चिदानंद जोशी, राष्ट्रीय अध्यक्ष, भारतीय शिक्षण मंडल द्वारा किया गया। 

केंद्रीय मंत्री गड़करिजी ने अपने उद्बोधन में सभी से आग्रह किया कि सार्थक एजु विजन तभी सार्थक होगा जब एन ई पी मे शिक्षा के लिए जो भी विजन तैयार किया जाए वह आने वाले पचास वर्ष का हो ना कि केवल पांच या दस वर्ष के लिए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पांच हजार वर्ष पूर्व की शिक्षा पद्धति के बारे में जानकारी दी और इस एडु विज़न के लोगो 'पड़िनी से पीएसएलवी' पर भी प्रकाश डाला। प्रोफ संगीता शुक्ला ने कुलपति राउंड टेबिल में यह बात रखी की स्टेट यूनिवर्सिटी के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एन ई पी) का प्रथक से ब्लू प्रिंट बनना चाहिए जिसमे उनकी फैकल्टी पोजीशन , ग्रांट, इत्यादि का सेटअप अलग होना चाहिए एवम सेंट्रल यूनिवरसिटी का ब्लू प्रिंट अलग होना चाहिए। 

छात्रों को हायर एजुकेशन एवम रिसर्च हेतु राष्ट्रीय स्तर पर केवल एक परीक्षा अलग से होना चाहिए और आज के वर्तमान शिक्षा तंत्र में स्नातक परीक्षा के बाद आगे की उच्च शिक्षा हेतु कई प्रकार की परीक्षा जैसे स्नातकोत्तर हेतु प्रवेश परीक्षा, जूनियर रिसर्च फेलोशिप, गेट, इत्यादि परीक्षाओं को सफलता पूर्वक उत्तीर्ण करने के पश्चात भी नौकरी पाने हेतु अलग से प्रतियोगी परीक्षाएं उत्तीर्ण करना होती है। जीवाजी विशवविद्यालय द्वारा एजु एक्सपो में विश्वविद्यालय की प्रगति पर प्रदर्शिनी भी लगाई जिसका प्रतिनिधित्व वानस्पतिक अध्ययन शाला के विभागाध्यक्ष प्रो महेंद्र गुप्ता ने किया साथ में कर्यपरिषद सदस्य  वीरेंद्र गुजर,  सुशील मंडेरिया एवम डॉ सपन पटेल ने भी कार्यक्रम में सहभागिता दी। संपूर्ण कार्यक्रम का संयोजन राष्ट्रीय शिक्षण मंडल के राष्ट्रीय महासचिव उमा शंकर पचौरी ने किया।