ग्वालियर के व्यवसाईयों के बगैर किसी कारण…

GST पंजीयन निरस्त होने के विरोध में केन्द्रीय वित्तमंत्री को लिखा पत्र

ग्वालियर। ग्वालियर शहर के अनेक व्यवसाईयों के बगैर किसी कारण के जीएसटी रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिए जाने पर आज एमपीसीसीआई द्वारा केन्द्रीय वित्तमंत्री-माननीया निर्मला सीतारमण एवं केन्द्रीय वित्त राज्यमंत्री-माननीय अनुराग ठाकुर को पत्र लिखकर, व्यवसाईयों के निरस्त किए गए जीएसटी पंजीयनों को पुनः बहाल किए जाने की माँग की गई है। एमपीसीसीआई के अध्यक्ष-विजय गोयल, संयुक्त अध्यक्ष-प्रशांत गंगवाल, उपाध्यक्ष-पारस जैन, मानसेवी सचिव-डॉ. प्रवीण अग्रवाल, मानसेवी संयुक्त सचिव-ब्रजेश गोयल एवं कोषाध्यक्ष-वसंत अग्रवाल ने प्रेस को जारी विज्ञप्ति में अवगत कराया है कि जीएसटी विभाग द्वारा बगैर किसी कारण के स्थानीय व्यवसाईयों के निरस्त किए गए पंजीयनों पर रोष व्यक्त करते हुए । 

आज एमपीसीसीआई द्वारा माननीय केन्द्रीय वित्त मंत्री एवं केन्द्रीय वित्त राज्यमंत्री से ग्वालियर के ऐसे सभी व्यवसाई जिनका बगैर किसी कारण के जीएसटी  रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिए गए हैं । उन सभी जीएसटी पंजीयनों की पुनः बहाली हेतु संबंधित अधिकारियों को आदेशित करने की माँग की गई है, ताकि स्थानीय व्यवसाईयों को हो रही परेशानी से राहत मिल सके और वह अपना कारोबार बगैर किसी परेशानी के सुचारू रूप से संचालित कर सकें। 

केन्द्रीय मंत्रीद्वय को प्रेषित पत्रों में उल्लेख किया गया है कि कोविड-19 के कारण देशभर में लागू किए गए लॉकडाउन के परिणाम स्वरूप आर्थिक गतिविधियाँ पूरी तरह से ठप्प हो गई थी और इसके दुस्प्रभाव अभी तक सामने आ रहे हैं । कारोबारी अभी तक लॉकडाउन के दुस्प्रभावों से बाहर नहीं आ पाए हैं । बावजूद इसके जीएसटी विभाग द्वारा ग्वालियर के कई व्यवसाईयों के जीएसटी रजिस्ट्रेशन, निरस्त किया जाना, अत्यन्त ही दुर्भाग्यपूर्ण कार्यवाही है । 

क्योंकि एक ओर केन्द्र सरकार उद्योग व व्यापार को बढ़ावा देने की बात कर रही है और वहीं दूसरी ओर ऐसे व्यवसाई जो कि विगत् काफी वर्षों से कारोबार कर रहे हैं, उनका बगैर किसी उचित कारण के जीएसटी रजिस्ट्रेशन को निरस्त किया जाना, समझ से परे एवं औचित्यहीन है। पदाधिकारियों ने कहा है कि जीएसटी पंजीयन निरस्त होने से व्यवसाई काफी परेशान हैं । इस संबंध में जब व्यवसाईयों द्वारा स्थानीय अधिकारियों से बात की गई, तब उनका कहना था कि किस कारण जीएसटी रजिस्ट्रेशन निरस्त हुए हैं, यह बता पाना संभव नहीं है और जब व्यवसाईयों द्वारा अपने जीएसटी रजिस्ट्रेशन को पुनः बहाल किए जाने की बात कही गई, तो जीएसटी अधिकारियों ने कहाकि यह हमारे बूते के बाहर है ।