कलेक्टर ने टीकाकरण के संबंध में बैठक लेकर दिए निर्देश…

टीकाकरण को पूर्ण गंभीरता के साथ करें, लापरवाही पाए जाने पर होगी सेवा समाप्ति की कार्रवाई : श्री सिंह

ग्वालियर। कोविड-19 के संक्रमण को रोकने के लिये देशभर में चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान को पूर्ण गंभीरता के साथ लिया जाए। ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्र में चिन्हित 60 वर्ष से अधिक आयु के तथा 45 वर्ष से 59 वर्ष तक के ऐसे लोग जो चिन्हित बीमारी से पीड़ित हैं उनका टीकाकरण शतप्रतिशत किया जाना सुनिश्चित करें। टीकाकरण के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों की सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जायेगी। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने रविवार को जिले के सभी जनपद पंचायत मुख्यालय के साथ ही ग्वालियर में बाल भवन, जिला पंचायत और भगवत सहाय सभागार में टीकाकरण के संबंध में बैठक लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए । बैठकों में सीईओ जिला पंचायत किशोर कान्याल, सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष शर्मा, महिला एवं बाल विकास अधिकारी राजीव सिंह सहित स्वास्थ्य, महिला-बाल विकास और राजस्व का अमला उपस्थित रहा। कलेक्टर श्री सिंह ने बैठकों में कहा कि ग्वालियर जिले में 139 केन्द्रों पर टीकाकरण का कार्य किया जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में नगर निगम एवं नगर पालिका के कर्मचारियों के साथ टीकाकरण का कार्य शतप्रतिशत किया जाना है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में भी दल बनाकर टीकाकरण का कार्य समय-सीमा में किया जाना है। 

ग्रामीण क्षेत्र के लिये पटवारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सरपंच के साथ दल गठित किया जाकर टीकाकरण का कार्य कराया जायेगा। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने भितरवार, डबरा एवं घाटीगाँव में बैठक के दौरान कहा है कि सभी अनुविभागीय अधिकारी अपने-अपने अनुभाग के दल गठित कर टीकाकरण का कार्य शीघ्र प्रारंभ कराएँ। टीकाकरण केन्द्र के हिसाब से गाँवों की मैपिंग की जाए, साथ ही सरपंच 60 वर्ष से अधिक के पुरूषों को केन्द्र तक लाने की जवाबदारी निभाए। इसके साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता महिलाओं को केन्द्र तक लाने की जिम्मेदारी उठाए। कलेक्टर ने कहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सरपंच एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हर घर की कुंडी खटखटाकर ग्रामीणों से टीकाकरण केन्द्र पहुँचकर टीकाकरण कराने का आग्रह करे। कलेक्टर श्री सिंह ने यह भी निर्देश दिए हैं कि टीकाकरण केन्द्र के लिये सरपंच अपने स्तर से वाहन की व्यवस्था भी सुनिश्चित करे। जो ग्रामीण अपने वाहनों से या अपने संसाधनों से टीकाकरण केन्द्र तक नहीं पहुँच पा रहे हैं उन्हें टीकाकरण केन्द्र तक वाहन से लाया जाए। उन्होंने सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायतों को निर्देशित किया है कि टीकाकरण केन्द्र पर सभी व्यवस्थायें चाक-चौबंद होनी चाहिए। केन्द्र पर पीने के पानी की व्यवस्था, टीकाकरण के लिये आने वाले लोगों को बैठने की व्यवस्था के साथ ही टेंट लगाकर छाया की व्यवस्था भी की जाए। सभी केन्द्रों पर प्रात: 7 बजे से शाम 7 बजे तक टीकाकरण का कार्य किया जाए। केन्द्र पर आने वाला कोई भी व्यक्ति बिना टीकाकरण के नहीं लौटना चाहिए। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने यह भी कहा है कि निर्धारित दिवस सोमवार, बुधवार, शुक्रवार और शनिवार को टीकाकरण का कार्य किया जा रहा है। 

इसकी जानकारी भी ग्रामीणों को होना चाहिए। सभी ग्रामीण क्षेत्रों में डोंडी पिटवाकर भी ग्रामीणों को टीकाकरण की जानकारी देने के साथ ही टीका लगाने के लिये प्रेरित करने का कार्य किया जाए। बैठक में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व भितरवार, डबरा एवं मुरार में टीकाकरण के लिये की गई व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। ग्रामीण क्षेत्र में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत किशोर कान्याल को सम्पूर्ण टीकाकरण कार्य की मॉनीटरिंग करने की जवाबदारी सौंपी गई। इसके साथ ही शहरी क्षेत्र में नगर निगम कमिश्नर और अनुविभागीय अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में शतप्रतिशत टीकाकरण कराने के दिशा-निर्देश दिए गए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि सभी केन्द्रों पर चिकित्सकों और पैरामेडीकल स्टाफ की तैनाती की जा चुकी है। पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन भी उपलब्ध है। चिकित्सकों की देखरेख में टीकाकरण का कार्य किया जा रहा है। कोरोना का टीका पूरी तरह से सुरक्षित है, इसकी जानकारी भी ग्रामीणों के साथ-साथ शहरी क्षेत्र में भी प्रचार-प्रसार के माध्यम से दी गई है। कोरोना के टीके से किसी भी प्रकार का कोई नुकसान नहीं है। टीकाकरण केन्द्र पर भी उपलब्ध चिकित्सक एवं पैरामेडीकल स्टाफ टीका लगाने वाले को विस्तार से जानकारी दें, इसके भी निर्देश प्रसारित किए गए हैं।