दिल दहला देने वाली घटना !

जहरीली गैस से तीन सगे भाइयों सहित पांच की मौत

आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा जनपद में मंगलवार को दिल दहला देने वाली घटना घटित हो गई। फतेहाबाद के गांव परतापुरा में सुरेंद्र शर्मा के तीन बेटों हरिमोहन (17), अविनाश (16), अनुराग (14) उनके भतीजे सोनू शर्मा (30) और पड़ोसी योगेश बघेल (20) की सेप्टिक टैंक (सोखता) के लिए खोदे गड्ढे में जहरीली गैस का रिसाव होने से मौत हो गई। सुरेंद्र के घर में पहले से शौचालय का सेप्टिक टैंक बना हुआ है। उसके बगल से गड्ढा खोदकर एक और टैंक बनाया जा रहा था। पुराने सेप्टिक टैंक से पानी का रिसाव रोकने अविनाश पहुंचा था। 

जहरीली गैस बनने से वह बेहोश होकर गिर गया। बाद में बचाने गड्ढे में उतरे चार और युवकों की भी मौत हो गई। घटना से गांव में कोहराम मच गया। घटना मंगलवार शाम तकरीबन पांच बजे हुई। सुरेंद्र शर्मा के घर के दरवाजे पर ही सेप्टिक टैंक (सोखता) बना है। परिजनों ने बताया कि यह टैंक भर गया है। इसको देखते हुए दो दिन पहले आठ फुट गहरा गड्ढा खोदकर नया टैंक बनाया जा रहा था। यह बिल्कुल बराबर में खोदा गया था। अभी इसकी ईंटों से चिनाई नहीं हुई थी। 

पुराने टैंक से गंदा पानी रिसकर आ गया-मंगलवार को गड्ढे में पुराने टैंक से गंदा पानी रिसकर आ गया। इससे यह तकरीबन दो फुट तक भर गया। पानी को रोकने के लिए सबसे पहले अविनाश गड्ढे में उतरा। मगर, गड्ढे में जहरीली गैस भी बन गई। इससे अविनाश अचेत हो गया। वह अंदर ही गिर गया। उसे बचाने के लिए आदित्य गड्ढे में उतरा। वह भी बेहोश हो गया। इससे परिवार में चीखपुकार मच गई। बाद में हरिमोहन आया। उसके भी बेहोश होने पर सुरेंद्र के भाई रामसेवक का बेटा सोनू उतरा। 

उसके बेहोश होने पर पड़ोसी योगेश बघेल आया। मगर, वह भी गिर पड़ा। पांचों को गड्ढे में गिरा देखकर चीखपुकार मच गई। खेतों से लौटे ग्रामीण-खेतों में काम कर रहे ग्रामीण आ गए। बाद में गांव के उमाशंकर और मोनू शर्मा ने सभी को बाहर निकाला। उन्हें एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी लेकर आए, जहां पांचों को मृत घोषित कर दिया गया। घटना की जानकारी पर पोस्टमार्टम हाउस पर एडीजी जोन राजीव कृष्ण, एसएसपी बबलू कुमार, जिलाधिकारी पीएन सिंह, एसपी पूर्वी के वेंकट अशोक पहुंच गए। देर रात शवों का पोस्टमार्टम कराया गया।