पहले से ही वसूल रहे हैं मनमाना किराया...

ट्रांसपोर्ट मजदूर महासंघ ने एक बार फिर उठाई किराया बढ़ाने की मांग

प्रदेश अध्यक्ष भारतीय प्राइवेट ट्रांसपोर्ट मजदूर महासंघ मध्यप्रदेश के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह कुशवाहा के नेतृत्व में एक बार फिर से किराया बढ़ाए जाने की मांग को लेकर परिवहन उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा गया। जबकि शहर के ऑटो और टेंपू चालक पहले से ही मनमाना या किराया बढ़ाकर यात्रियों से वसूल रहे हैं। शायद संगठन की जानकारी में यह बात नहीं है कि जितना किराया बढ़ाने की बात कर रहे हैं उससे कहीं ज्यादा किराया तो ऑटो टेंपो वाले पहले से ही यात्रियों से वसूल रहे हैं यह बात हम दावे के साथ इसलिए कह सकते हैं। क्योंकि जब हमारे पत्रकार ने पड़ाव से डीडी मॉल तक टेंपो में सफर किया तो उससे टेंपो वाले ने ₹10 वसूले। इसी प्रकार गोले के मंदिर से रेलवे स्टेशन तक देवी ₹10 टेंपो वाले वसूल रहे हैं। इसी क्रम में फूल बाग से जयेंद्र गंज तक के भी टेंपो वाले ₹10 वसूल कर रहे हैं। 

शिंदे की छावनी से थाटीपुर तक ₹15 और लक्ष्मी गंज से चंदेरी छावनी तक के भी ₹15 टेंपो वाले वसूल रहे हैं। वही शिंदे की छावनी से मोरार 12 वारादरी तक का किराया ₹20 तक वसूला जा रहा है। यही हाल ऑटो वालों का है ऑटो वाले किलोमीटर से तो चलने को बिल्कुल भी तैयार नहीं होते हैं जरूरतमंद इनसे बगैर मीटर के ही बारगेनिंग कर किराया देने को मजबूर होते हैं क्योंकि कई क्षेत्रों में तो टेंपो  चलते ही नहीं हैं वहां ऑटो ही एकमात्र सहारा होता है जिसका कि यह ऑटो वाले भरपूर फायदा उठाते हैं। जबकि सभी जानते हैं कि थाटीपुर हो या गोला का मंदिर से स्टेशन की दूरी लगभग 3 किलोमीटर, मुरार से शिंदे की छावनी दूरी लगभग 7 किलोमीटर, पड़ाव से शिंदे की छावनी नदी गेट, डीडी मॉल डेढ़ से 2 किलोमीटर बमुश्किल दूर होगा। इसी प्रकार शिंदे की छावनी से लक्ष्मीगंज तिराहा लगभग 3 किलोमीटर के दायरे में ही होगा। 

इसी प्रकार अन्य स्थानों का भी ऑटो और विक्रम चालक मनमर्जी से किराया वसूल रहे हैं। पिछले दिनों आरटीओ द्वारा किराए की लगाई गई थी जो अब अधिकतर टेंपो से गायब हो चुकी है और अगर किसी किसी पर लगी भी है तो वे उसके अनुसार किराया नहीं ले रहे हैं । यदि संगठन  को इस कृत्य की जानकारी नहीं है तो पहले इसकी जानकारी हासिल करे और जो टेंपो या ऑटो चालक ऐसा कृत्य कर रहे हैं उनके खिलाफ कार्यवाही करवाना चाहिए। फिर ज्ञापन देकर किराया बड़वाने की मांग उठाना चाहिए।  परिवहन विभाग के द्वारा भी इस कृत्य पर कार्यवाही अवश्य करना चाहिए। जिससे कि शहर की पब्लिक और बाहर से आने वाले लोगों को इन ऑटो टेंपो में सफर के दौरान आर्थिक रूप से शोषण का शिकार ना होना पड़े।