मंदिरों में रही भारी भीड़…

श्रद्धा और भक्ति के आगे सोशल डिस्टेंसिंग को किया नज़रअंदाज़

ग्वालियर। महाशिवरात्रि पर प्रमुख शिव मंदिर अचेलश्वर, गुप्तेश्वर और कोटेश्वर महादेव समेत हजारेश्वर और भूतेश्वर पर सुबह 6 बजे श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। दोपहर 12.30 बजे राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया कोटेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे और पूजा अर्चना की। यहां उन्होंने कहा कि भगवान से बड़ा कोई नहीं है। अचलेश्वर मंदिर पर तो यह हाल था, यहां गर्भगृह तक पहुंचने में श्रद्धालुओं को 1 से 2 घंटे लगे। करीब आधा किलोमीटर दूर से लाइन में पैदल चलकर लोग मंदिर तक पहुंचे। गुरुवार को शहर के शिवालय बम-बम भोले के नारों से गूंज उठे। सड़कों पर जगह-जगह फलाहार वितरण किया जा रहा है। शहर का माहौल शिव भक्तिमय हो गया है। भक्ति में लोग कोविड को भूल गए हैं। न तो मंदिरों के बाहर सोशल डिस्टेंसिंग नजर आई और न ही चेहरे पर मास्क दिखे। शहर के प्रमुख शिव मंदिरों में से एक अचेलश्वर महादेव पर रात 12 बजे से ही कांवड़ लेकर शिवभक्त आना शुरू हो गए थे। पहले उनके लिए गर्भगृह के पट खोले गए। अचलेश्वर महादेव, कोटेश्वर महादेव व गुप्तेश्वर महादेव का अभिषेक किया गया। इसके बाद शिव मंदिरों को आम भक्तों के लिए खोल दिया गया। दोपहर तक हजारों की संख्या में लोग दर्शन करने पहुंचे। 

यह पहला मौका है जब कोरोना काल के बाद किसी त्योहार पर मंदिरों में इतनी संख्या में भीड़ नजर आ रही है। कहां क्या हालात रहे एक नजर में। यहां चैंबर ऑफ कॉमर्स के बाहर से दर्शन के लिए लाइन लगी है। चैंबर ऑफ कॉमर्स के सामने ललितपुर कॉलोनी, एमएलबी कॉलेज रोड होते हुए अचलेश्वर मंदिर तक लोग पहुंच रहे हैं। इस दौरान दर्शन करने में सुबह 1 घंटे का समय लगा। मंदिर प्रबंधन के अपील के बाद भी कोरोना गाइडलाइन की धज्जियां उड़ती रहीं। मंदिरों के बाहर प्रसाद वितरण के काउंटर लगे हैं। अचलेश्वर जाने वाले सभी मार्ग पर ट्रैफिक रूट बदला गया है। इस कारण वाहन मंदिर से आधा किलोमीटर की दूरी पर ही रोके जा रहे हैं। कोटेश्वर महादेव पर भी यही हाल है। यहां भी रात 12 बजे से शिवभक्त पहुंचना शुरू हो गए थे। कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए इस बार अंदर प्रसाद के काउंटर नहीं लगाए गए। मंदिर में दर्शन के लिए सुबह 6 बजे से शहर के लोग मंदिर पहुंचे हैं। मंदिर के बाहर कतार लगी हैं। दोपहर 12 बजे यहां राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया पहुंचे और पूजा अर्चना की। गुप्तेश्वर पहाड़ी पर बना गुप्तेश्वर महादेव मंदिर पर भी हजारों की संख्या में शिवभक्त पहुंच रहे हैं। 

आसपास के गांव और जनकगंज से रात 12 बजे से ही लोग मंदिर पहुंचना शुरू हो गए थे। यहां मास्क पहनकर नहीं आने वाले शिवभक्तों को मंदिर प्रबंधन ने मास्क बांटे। कोविड गाइडलाइन का पालन लोग तो नहीं कर रहे थे, लेकिन मंदिर प्रबंधन लगातार अपील कर रहा था। गुप्तेश्वर मंदिर से गुरुवार दोपहर 12 बजे शिव बारात भी निकाली गई। महाशिवरात्रि पर गुप्तेश्वर सेवा संघ द्वारा निकाली जाने वाली शिव बारात गुप्तेश्वर मंदिर से निकलकर जनकगंज, महाराज बाड़ा, सराफा बाजार, ऊंटपुल, इंदरगंज चौराहे से होती हुई अचलेश्वर मंदिर पहुंची। रास्ते में कई जगह बारात का स्वागत किया गया। शहर के सभी प्रमुख शिम मंदिरों पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए हैं। विभिन्न मंदिरों, शहर के प्रमुख मार्गों और मिश्रित आबादी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। कांवडिय़ों का पहुंचना शुरू हो गया है। श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को ध्यान में रखते हुए बेरिकेड, सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। कंट्रोल रुम में पुलिस नजर रखे हुए है। देहात के मंदिरों में कांवडिय़ों और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की दिक्कत न हो इसका पूरा ध्यान रखा गया है। 

यहां कांवडिय़ों के रुकने और खाने-पीने की विशेष व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं ने भोलेनाथ के जयकारे लगाते हुए विधि-विधान से अभिषेक कर सुख- समृद्धि की कामना की। शिवालयों के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखकर ऐसा लगा मानो पूरा शहर शिव भक्ति में डूब गया हो। अचलेश्वर महादेव मंदिर पर की गई व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं को दर्शनों के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ा। शिवरात्रि पर शिव मंदिरों के अलावा प्रमुख बाजारों में फलाहारी प्रसाद, ठंडाई व फलों का वितरण किया गया। सामाजिक व धार्मिक संगठनों द्वारा लगाए गए स्टॉल से फलाहारी छप्पन भोग का प्रसाद भक्तों को वितरित किया जा रहा है। अमरनाथ यात्रा सेवा समिति ने सनातन धर्म मंदिर के बाहर साबूदाना की खिचड़ी, आलू व चिप्स व ठंडाई का प्रसाद वितरित करना शुरू किया। महंगाई का असर पूजा के सामान पर भी देखने को मिल रहा है। व्रत का सामान साबूदाना, सिघाड़ा, कुटू का आटा, समा के चावल, काजू, बादाम आदि लगातार महंगे हो रहे हैं। महंगाई की बड़ी वजह डीजल-पेट्रोल के बढ़ते दाम भी बताए जा रहे हैं।