सड़कों के संधारण का कार्य युद्ध स्तर पर किया जाए…

गंदे पानी की शिकायत नहीं मिलना चाहिए : ऊर्जा मंत्री

ग्वालियर। हर व्यक्ति को स्वच्छ और पर्याप्त जल मिले यह सरकार की प्राथमिकता है। गंदा पानी मिलने की शिकायत किसी भी हाल में बर्दाश्त करने योग्य नहीं है। कहीं भी गंदा पानी मिलने की शिकायत मिलती है तो उसका तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया जाए। गंदे पानी के निराकरण के लिये निगम विशेष प्रबंध करे। गंदे पानी की शिकायत के निराकरण के लिये हैल्पलाईन नम्बर जारी किया जाए। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने शुक्रवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर यह निर्देश दिए हैं। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने मोतीमहल के मानसभागार में संभागीय आयुक्त आशीष सक्सेना, कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा और सीईओ स्मार्ट सिटी जयति सिंह के साथ शहर विकास के मुद्दों पर विस्तार से बैठक की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में एडीएम रिंकेश वैश्य, अपर आयुक्त नगर निगम नरोत्तम भार्गव, एसडीएम प्रदीप तोमर सहित लोक निर्माण विभाग, शिक्षा विभाग, पीआईयू सेल और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ ही नगर निगम के अधिकारी उपस्थित थे। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि ग्वालियर के किसी भी क्षेत्र में गंदे पानी के वितरण की शिकायत नहीं मिलना चाहिए। कहीं पर भी गंदे पानी के वितरण की शिकायत मिलती है तो उसका त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए। 

इसके साथ ही आम लोगों को पर्याप्त और स्वच्छ जल मिले, यह व्यवस्था नगर निगम करे। गर्मी के मौसम में पानी की शिकायत और गंदे पानी की शिकायतों के निराकरण के लिये नगर निगम हैल्पलाइन नम्बर जारी करे। हैल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के निराकरण के लिये स्मार्ट सिटी के सहयोग से प्रबंध किए जाएँ। उन्होने यह भी निर्देश दिए कि पेयजल वितरण के समय पीएचई विभाग का मैदानी अमला अनिवार्यत: मैदान में रहे, यह भी सुनिश्चित किया जाए। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि अमृत परियोजना के तहत जिन सड़कों पर सीवर एवं पानी की लाईन डालने का कार्य किया गया है उन सड़कों को ठीक करने का कार्य भी युद्ध स्तर पर किया जाए। सड़कों को ठीक करने के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। संबंधित एजेन्सी इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता से करे, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने नगर निगम आयुक्त से अपेक्षा की कि वे सड़क के संधारण कार्यों की नियमित मॉनीटरिंग कर कार्य को तेजी से पूर्ण कराएँ। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने बैठक में यह भी कहा कि जो निर्माण कार्य स्वीकृत हैं, उनको पूर्ण कराने का कार्य तेजी से किया जाए। 

सड़कों के निर्माण के कार्य को प्राथमिकता से निगम करे। इसके साथ ही लोक निर्माण विभाग के माध्यम से स्वीकृत सड़कों का कार्य भी तत्परता से किया जाए। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह से भी उन्होंने अपेक्षा की कि विकास कार्यों की निंरतर मॉनीटरिंग करें। संभागीय आयुक्त आशीष सक्सेना ने ऊर्जा मंत्री को आश्वस्त किया कि शहर में सभी लोगों को पर्याप्त और स्वच्छ जल मिले यह सुनिश्चित किया जाएगा। गंदे पानी की जो भी शिकायत है उनको ठीक कराने का कार्य भी निगम युद्ध स्तर पर करेगा। संभाग आयुक्त ने यह भी आश्वस्त किया कि सीवर एवं पानी की छोटी-छोटी समस्याओं के निराकण के लिये नगर निगम के माध्यम से सीवर एवं पेयजल से संबंधित सब इंजीनियरों को 10 – 10 हजार रूपए का अग्रिम भी प्रदान किया जायेगा, ताकि संधारण के कार्य तत्परता से पूर्ण किए जा सकें। संभाग आयुक्त श्री सक्सेना ने बैठक में बताया कि नगर निगम के कार्यों के साथ-साथ अन्य विभागों के जो विकास कार्य ग्वालियर में चल रहे हैं उनकी मॉनीटरिंग के लिये भी प्रतिदिन होने वाली वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से समीक्षा की जायेगी। 

उन्होंने सभी अधिकारियों को भी निर्देशित किया कि विकास कार्यों को पूर्ण करने का कार्य तेजी के साथ करें। इसके साथ ही नगर निगम के सभी अधिकारियों को भी उन्होंने सचेत किया है कि गंदे पानी की शिकायत नहीं आना चाहिए। इसके साथ ही सभी अधिकारी पेयजल वितरण के समय अनिवार्यत: अपने-अपने क्षेत्र मे भ्रमण करें। कहीं पर भी लीकेज अथवा गंदे पानी की शिकायत हो तो उसे तत्काल ठीक कराने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिन स्थानों पर पेयजल की दिक्कत है उनमें स्थायी समाधान होने तक टैंकरों के माध्यम से भी पेयजल वितरण का कार्य कराया जाए। बैठक में कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह एवं नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा ने भी आवश्वस्त किया कि नगर निगम के कामों के साथ-साथ अन्य विभागों के कार्यों को भी तेजी के साथ पूर्ण कराने का कार्य किया जायेगा। नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा ने बताया कि अमृत योजना के तहत बनाए जा रहे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तथा तिघरा से ट्रीटमेंट प्लांट तक डाली जा रही पाइप लाइन का कार्य 15 अप्रैल तक पूर्ण करा लिया जायेगा।