स्मार्ट सिटी एडवायजरी फोरम की बैठक सम्पन्न…

शहर के प्रमुख चौराहों को बनाएँ आकर्षक : ऊर्जा मंत्री

ग्वालियर। शहर विकास की कड़ी में ग्वालियर में किए जा रहे कार्यों के संधारण की भी व्यवस्था होनी चाहिए। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शहर में करोड़ों रूपए की लागत से पूरे किए गए प्रोजेक्टों में संधारण के लिये भी उचित प्रबंधन किया जाना चाहिए। स्मार्ट सिटी एडवायजरी फोरम की बैठक में यह बात कही गई। क्षेत्रीय सांसद विवेक नारायण शेजवलकर एवं ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बैठक में कहा कि शहर के समग्र विकास के लिये स्मार्ट सिटी के साथ-साथ अन्य विभागों के समन्वय से किए जा रहे विकास कार्यों का लाभ शहरवासियों को लम्बे समय तक मिले, इसके लिये तैयार की गई धरोहरों के संरक्षण की व्यवस्था भी की जाए। स्मार्ट सिटी के माध्यम से शहर के प्रमुख चौराहों को आकर्षक बनाने का कार्य भी हाथ में लिया जाना चाहिए। सांसद श्री शेजवलकर ने कहा कि स्मार्ट सिटी के माध्यम से शहर की स्वच्छता की मॉनीटरिंग का जो कार्य किया जा रहा है उसे और प्रभावी बनाया जाए। कंट्रोल कमाण्ड सेंटर के माध्यम से आम जनों को भी निगम द्वारा कचरा प्रबंधन के तहत किए जा रहे कार्यों की जानकारी भी एसएमएस के माध्यम से उपलब्ध हो सके, ऐसी व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही कंट्रोल कमाण्ड सेंटर जो ग्वालियर के लिये एक बड़ी सौगात है उसका शहर के विकास में अधिकतम उपयोग किया जाए। 

प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा है कि स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहर के चौराहों और सड़कों को जन आकर्षण का केन्द्र बनाने के लिये पहल की जाना चाहिए। केवल एबीडी क्षेत्र में ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण शहर में सड़कों और चौराहों के विकास का कार्य हाथ में लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार स्मार्ट सिटी द्वारा तीन उद्यानों को विकसित किया गया है, उसी तर्ज पर और भी उद्यानों को विकसित किया जाना चाहिए। इसी प्रकार शहर में स्मार्ट सिटी द्वारा आधुनिक खेल मैदान विकसित किए गए हैं, उसी तर्ज पर अन्य खेल मैदान भी विकसित हों, इस पर गंभीरता से कार्य करने की आवश्यकता है। बैठक में सर्वसम्मति से यह भी निर्णय लिया गया कि ग्वालियर शहर की तीनों विधानसभा क्षेत्र में एक – एक वार्ड को स्वच्छता में आदर्श वार्ड बनाने का कार्य हाथ में लिया जाए। इसमें न केवल नगर निगम बल्कि जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के साथ-साथ स्मार्ट सिटी भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करे। इसके साथ ही आईएसबीटी निर्माण के लिये बैठक में विस्तार से प्रजेण्टेशन दिया गया। विधायक प्रवीण पाठक एवं डॉ. सतीश सिकरवार ने बैठक में अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी द्वारा किए जा रहे कार्यों में संधारण की व्यवस्था के साथ-साथ चौराहों का विकास और सड़कों का संधारण आवश्यक है। बैठक में अमृत परियोजना के तहत शहर में डाली गई पानी एवं सीवर की लाइनों के कारण जो सड़कें खराब हुई हैं उसको तत्काल ठीक कराने की व्यवस्था भी की जाना चाहिए। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने स्मार्ट सिटी द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी देने के साथ-साथ ग्वालियर के प्रवेश द्वार तथा चौराहों के विकास के लिये तैयार की गई कार्ययोजना के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्लान तैयार किया जा चुका है, जिस पर अमल शीघ्र प्रारंभ होगा। 

नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा ने बैठक में बताया कि नगर निगम द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारियों के लिये विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। शहर के सभी वार्डों में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन की व्यवस्था निगम द्वारा की गई है। स्वच्छता के कार्य को प्रभावी रूप से करने के लिये वार्ड मॉनीटर बनाने के साथ-साथ जिला प्रशासन की ओर से सभी वार्डों में एक – एक जिला अधिकारी को भी प्रभारी बनाया गया है। स्वच्छता के साथ-साथ पानी की उपलब्धता और गंदे पानी की शिकायतों के निराकरण के लिये भी स्मार्ट सिटी के कंट्रोल कमाण्ड सेंटर द्वारा सकारात्मक सहयोग प्राप्त हो रहा है। कचरा गाड़ियों की निगरानी भी कंट्रोल कमाण्ड सेंटर के माध्यम से की जा रही है। स्मार्ट सिटी की सीईओ जयति सिंह ने स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत किए जा रहे कार्यों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ग्वालियर स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत डिजिटल म्यूजियम व टाउन हॉल, स्मार्ट पार्क, स्मार्ट खेल मैदान सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाये पूर्ण हो चुकी है, जिसका लाभ जनता को मिल रहा है। श्रीमती सिंह ने प्रजेण्टेशन के माध्यम से बैठक में उपस्थित सदस्यो को स्मार्ट सिटी के तहत किए जाने वाले विकास कार्यों की सिलसिलेवार जानकारी दी।