सरकार नही मानती मीडियाकर्मियों को कोरोना योद्धा…

मीडियाकर्मियों को रखा जा रहा है कोविड-19 टीकाकरण से वंचित !

कहने को तो मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है, लेकिन सरकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को लेकर लापरवाह नजर आ रही है। कोरोना टीकाकरण के प्रथम दौर से लेकर अब तक मीडियाकर्मियों के स्वास्थ चिंता सरकार को शायद नही है। लगता है सरकार कोरोना संक्रमण काल में मीडियाकर्मियों को प्रथम पंक्ति का योद्धा नहीं मानती है। 

जबकि कोविड 19 वायरस से चल रहे युद्ध में अपने कर्तव्यों का निर्वाह करते हुए कई मीडियाकर्मी शहीद हुए हैं और कई कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गए। अब जबकि टीकाकरण का दूसरा दौर प्रारंभ हो चुका है ऐसे में मीडियाकर्मियों को नजर अंदाज करना आश्चर्यजनक है। जबकि मीडिया के मंच पर आकर शासन और प्रशासन के जिम्मेदारों द्वारा मीडियाकर्मियों के हितों की बात करना कोरा ढोंग नज़र आता है। 

पत्रकारों के हित की लड़ाई लड़ने वाले पत्रकार संगठन भी इस गंभीर व चिंताजनक विषय पर मौन धारण किए हुए हैं। अब देश दुनिया में कोरोना संक्रमण फ़िर रफ्तार पकड़ रहा है ऐसे में सरकार को शासन, प्रशासन व जनता के बीच सेतु का कार्य करने वाले मीडियाकर्मियों के स्वास्थ्य की चिंता करने की आवश्यकता है।