जनसुनवाई में आवेदनों का निराकरण न होने पर... 

SDM सहित 7 अधिकारियों को भेजे कारण बताओ नोटिस 

मुरैना। प्रदेश सरकार की जनसुनवाई से लोगों को लाभ मिले, पात्र व्यक्ति बार-बार जनसुनवाई में बार-बार चक्कर न लगाये, इसके लिये जायज आवेदनों का निराकरण करने के लिये कलेक्टर ने चिन्हित आवेदनों को 24 घंटे में निराकरण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये थे। पिछली जनसुनवाई में 42 आवेदन ऐसे पाये गये थे, जिन्हें 24 घंटे के अंदर हल करना था किंतु कई अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। कलेक्टर बी. कार्तिकेयन ने जौरा एसडीएम सहित 7 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस तथा पीएचई के कार्यपालन यंत्री और तहसीलदार मुरैना का एक-एक दिवस का वेतन काटने के निर्देश दिये हैं। 

आज जनसुनवाई में कलेक्टर ने 140 आवेदनों को सुना, जिनमें से 33 आवेदन 24 घंटे के अंदर निराकरण करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रोशन कुमार सिंह, अपर कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर, एसडीएम सहित समस्त जिलाधिकारी, तहसीलदार उपस्थित थे। कलेक्टर बी. कार्तिकेयन ने पिछली जनुसनवाई के 24 घंटे वाले आवेदनों की समीक्षा की जिसमें अधिकारी कई आवेदनों को तो निराकरण कर चुके थे किंतु 7 अधिकारी ऐसे पाये गये जिन्होंने आवेदन को अपनी तरफ से दूसरे पर टालने की कोशिश की इस पर कलेक्टर नाराज हुये और उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिये कि जिन पत्रों में अत्यन्त निराकरण जरूरी है, ऐसे पत्र की 24 घंटे में निराकरण के लिये भेजे जाते है, जो मात्र एक या दो पत्र होते है, उन आवेदनों का भी आप निराकरण न कर सके तो ऐसे अधिकारी मुझे बर्दाश्त नहीं। 

अब टालमटोल का कार्य नहीं होगा जिसको जो जिम्मेदारी दी गई है उस जिम्मेदारी के साथ अगली जनुसवाई में अपडेट होकर आयेंगे ऐसा नहीं होगा कि मैं जांच पटवारी से करा रहा हूं, सचिव को बुलाया है, संबंधित अधीनस्थ कर्मचारी छुटटी पर है इस प्रकार के जवाब दिये तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्यवाही होगी। उन्होंने कहा कि मैं जिस अधिकारी को जो आवेदन दूं उसका निराकरण उसी व्यक्ति को कराना है भले ही उसे 7 दिन तक उसके घर पहुंचना पड़े।